delh sunita murder case : शिक्षिका सुनीता हत्याकांड में 6 दोषियों को उम्रकैद
delh sunita murder case : दिल्ली की एक शिक्षिका की हत्या का मामला, जिसने समाज और कानून दोनों को झकझोर दिया था, उसमें आखिरकार 7 साल बाद इंसाफ मिला है। रोहिणी की अदालत ने 2018 में हुई शिक्षिका सुनीता की हत्या के मामले में 6 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस फैसले ने न सिर्फ पीड़िता के परिवार को राहत दी है, बल्कि यह एक मजबूत संदेश भी है कि अपराध चाहे जितना भी सुनियोजित क्यों न हो, न्याय की नींव हिलाई नहीं जा सकती।
क्या था पूरा मामला?
सुनीता, हरियाणा के सोनीपत जिले के फिरोजपुर में एक सरकारी स्कूल में प्राथमिक शिक्षिका थीं। वह एक शांत स्वभाव और अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदार महिला थीं। लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनका अपना जीवनसाथी ही उनकी जान का दुश्मन बन जाएगा।
वर्ष 2016 में सुनीता को अपने पति मंजीत सेहरावत के एक्स्ट्रामैरिटल अफेयर के बारे में जानकारी मिली। यह रिश्ता मॉडल एंजल गुप्ता के साथ था। जब इस संबंध का विरोध हुआ, तो मंजीत ने सुनीता से पीछा छुड़ाने की योजना बना डाली। एंजल गुप्ता और उसके पिता राजीव सेठी ने इस साजिश में मंजीत का साथ दिया।
10 लाख की सुपारी में बिक गया इंसानियत का कत्ल
साजिश के तहत दो सुपारी किलर – शहजाद सैफी और विशाल उर्फ जॉनी को 10 लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी गई। 45,000 रुपये की रकम एडवांस के तौर पर आरोपियों के बैंक खातों में ट्रांसफर भी की गई। तीसरे आरोपी धर्मेंद्र ने हत्या में सहायक की भूमिका निभाई।
29 अक्टूबर 2018: स्कूल जाते वक्त हुआ मर्डर
वह सुबह किसी आम दिन जैसी थी, लेकिन सुनीता के लिए वह जिंदगी की आखिरी सुबह साबित हुई। वह अपने स्कूल जा रही थीं, जहां उन्हें उसी दिन सम्मान समारोह में सम्मानित किया जाना था। लेकिन रास्ते में उन्हें गोली मार दी गई।
यह हत्या सिर्फ एक महिला की नहीं थी, यह एक मां, एक शिक्षिका और एक इंसान की गरिमा की हत्या थी।
डायरी ने खोले राज, पति बना कातिल
पुलिस को जांच के दौरान सुनीता की एक डायरी मिली, जिसमें पति के साथ रिश्ते में चल रहे तनाव और उसकी बेवफाई का जिक्र था। इसके अलावा बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल रिकॉर्ड्स जैसे ठोस सबूतों ने साजिश को बेनकाब कर दिया।
अदालत का फैसला: इंसाफ की जीत
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धीरेंद्र राणा की अदालत ने 6 आरोपियों – मंजीत सेहरावत, एंजल गुप्ता, राजीव सेठी, शहजाद सैफी, विशाल उर्फ जॉनी और धर्मेंद्र – को साजिश और हत्या का दोषी पाया और उम्रकैद की सजा सुनाई।
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