dehradun siren alert system budget : देहरादून में लगेंगे 15 हाई-पावर सायरन, आपातकाल में देंगे वॉर्निंग अलर्ट
dehradun siren alert system budget : भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव और हाल ही में हुए मॉकड्रिल के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए देहरादून प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब शहर में लगाए जाएंगे 15 तेज़ आवाज वाले आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सायरन, जिनकी आवाज 8 से 16 किलोमीटर तक सुनी जा सकेगी।
🧾 25 लाख रुपए का बजट जारी
देहरादून जिला प्रशासन ने इस कार्य के लिए 25 लाख रुपए का बजट “अनटाइड फंड” से जारी किया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने खुद इसकी पुष्टि की और बताया कि सायरनों की खरीद के लिए क्रय आदेश भी जारी कर दिया गया है। सायरन जल्द ही मंगवाए जाएंगे और चरणबद्ध तरीके से लगाए जाएंगे।
🔊 कौन से सायरन होंगे, कितनी दूरी तक असर?
| 🔹 सायरन की संख्या | 🔹 कवरेज क्षमता |
|---|---|
| 10 सायरन | 8 किलोमीटर तक |
| 5 सायरन | 16 किलोमीटर तक |
ये सभी सायरन पुलिस थानों और चौकियों पर लगाए जाएंगे, जिससे पूरे शहर को कवर किया जा सकेगा। सायरन कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़े होंगे, जिससे सभी को एक साथ बजाया जा सकेगा।
🧪 क्यों लिया गया ये फैसला?
8 मई को देहरादून में भारत-पाकिस्तान तनाव के चलते मॉकड्रिल की गई थी। इसमें आराघर चौकी, धारा चौकी, आईएसबीटी, एमडीडीए कॉलोनी, जिलाधिकारी कार्यालय और इनएवीएच में सायरन ट्रायल हुआ।
✅ परिणाम: आवाज बहुत कम थी।
❌ दूरदराज इलाकों में सायरन की आवाज नहीं पहुंची।
इसके बाद डीएम सविन बंसल ने बैठक बुलाई और उच्च क्षमता वाले सायरन लगाने का निर्णय लिया।
🌪️ कहां होंगे उपयोग?
इन सायरनों का उपयोग सिर्फ युद्ध या हवाई हमलों के अलर्ट के लिए नहीं किया जाएगा, बल्कि:
- भूकंप
- बाढ़
- जंगल की आग
- औद्योगिक दुर्घटनाओं
जैसी प्राकृतिक आपदाओं और सिविल इमरजेंसी की स्थिति में भी उपयोग किया जाएगा।
🧠 तकनीकी विशेषताएं
- रिमोट कंट्रोल संचालित: कंट्रोल रूम से सभी सायरन एकसाथ एक्टिवेट किए जा सकेंगे।
- बैटरी बैकअप: पावर कट की स्थिति में भी सायरन एक्टिव रहेगा।
- वेदर रेसिस्टेंट बॉडी: बारिश, धूल और गर्मी से सुरक्षित।
🏙️ शहर के किन इलाकों में होंगे सायरन?
हालांकि सटीक लोकेशन की जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन संभावित स्थानों में शामिल हैं:
- आराघर चौकी
- धारा चौकी
- आईएसबीटी
- एमडीडीए कॉलोनी
- जिलाधिकारी कार्यालय
- INAVH जैसे प्रमुख इलाके
📌 प्रशासन की प्राथमिकता
डीएम सविन बंसल ने बताया कि “हमारी प्राथमिकता शहर के हर कोने तक अलर्ट पहुंचाना है। अगर कोई आपात स्थिति आती है, तो ये सायरन शहरवासियों को समय रहते सतर्क कर देंगे।
🔚 नागरिकों की सुरक्षा
देहरादून जैसे पहाड़ी शहर में समय पर चेतावनी मिलना बेहद ज़रूरी है। 15 हाई-पावर सायरनों की यह योजना न सिर्फ सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह प्रशासन की तत्परता का भी संकेत देती है। आने वाले समय में यह सिस्टम शहर को आपात स्थितियों से बेहतर तरीके से निपटने में मदद करेगा।
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