भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड
प्रादेशिक जनजागरण मंच ने इस समारोह के माध्यम से मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ किए गए कठोर कदमों को सम्मानित किया। मंच के संयोजक कुंवर जपेंद्र सिंह ने कहा कि धामी सरकार ने भ्रष्टाचारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, जिसके परिणामस्वरूप 200 से अधिक भ्रष्टाचारी जेल की सलाखों के पीछे हैं। इस अवसर पर अरविंद मित्तल, प्रमोद मित्तल, एमसी गुप्ता, विनोद कश्यप, प्रवीन गुप्ता, मनोज शर्मा, विवेक अग्रवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

Corruption Free Uttarakhand: निरंतर चलेगा अभियान
समारोह में अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करना कोई आसान काम नहीं है, और यह मेरी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि जनता के विश्वास की जीत है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना एक सामाजिक उत्सव है, और यह अभियान निरंतर आगे बढ़ेगा। धामी ने कहा, “हमारी सरकार ने भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के साथ संकल्पित होकर कार्य किया है। पिछले साढ़े तीन वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को जेल भेजा गया है।” उन्होंने मां गंगा के तट से स्पष्ट संदेश दिया कि भ्रष्टाचारी जेल जाने के लिए तैयार रहें।
200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को जेल भेजा
सीएम धामी ने अपने कार्यकाल के चार वर्ष पूर्ण होने का जिक्र करते हुए कहा कि 4 जुलाई 2021 को उन्हें उत्तराखंड की सेवा का अवसर मिला। उन्होंने जनता के प्रेम और विश्वास को अपनी प्रेरणा बताया, जो उन्हें प्रदेश के विकास और समाज की प्रगति के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की ऊर्जा प्रदान करता है। धामी ने हरिद्वार में विकास परियोजनाओं का उल्लेख किया, जिसमें हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, हेलीपोर्ट निर्माण, और पॉड टैक्सी जैसी योजनाएं शामिल हैं।
