IAF को 83 विमानों की डिलीवरी लगभग एक वर्ष की देरी से हो रही
Tejas LCA Mk1A रक्षा मंत्रालय ने स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (LCA) के उत्पादन को बढ़ावा देने और निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ाने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में गठित की गई है, जिसमें भारतीय वायुसेना और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के प्रतिनिधि शामिल हैं।
Tejas LCA Mk1A निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ाना होगा
समिति को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें वर्तमान उत्पादन क्षमता, सामने आ रही बाधाएं और वायुसेना की आवश्यकताओं का मूल्यांकन किया जाएगा। समिति का मुख्य उद्देश्य निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ाना और उत्पादन क्षमता में सुधार करना है।
बेंगलुरु और नासिक में दो प्लांट में बन रहा Tejas LCA Mk1A
वर्तमान में,
HAL बेंगलुरु
और नासिक में दो उत्पादन सुविधाओं में LCA Mk1A विमानों का निर्माण कर रहा है।
हालांकि…
GE द्वारा निर्मित जेट इंजन की आपूर्ति में समस्याओं के कारण 83 विमानों का आदेश लगभग एक वर्ष की देरी से पूरा हो रहा है।
इस देरी को हाल ही में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने भी रेखांकित किया था।
आउटसोर्सिंग को बढ़ाने की कोशिश
Tejas LCA Mk1A: HAL पहले ही MTAR हैदराबाद,
इंडो MIM बेंगलुरु,
L&T,
गोडरेज और आज़ाद इंजीनियरिंग
जैसी निजी कंपनियों को कुछ कार्यों के लिए आउटसोर्स कर चुका है।
विशेषज्ञ समिति इस आउटसोर्सिंग को बढ़ाने
और निजी क्षेत्र के लिए नए उत्पादन लाइनों की स्थापना की संभावना का मूल्यांकन करेगी।
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इस पहल का उद्देश्य:-
वायुसेना की लड़ाकू स्क्वाड्रनों की संख्या बढ़ाना
और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना है,
जिससे भारत की रक्षा क्षमता को सुदृढ़ किया जा सके।
