deepotsav lakshmi puja october 2025: इस बार दीपावली का पर्व 5 नहीं, बल्कि 6 दिनों तक मनाया जाएगा। दीपावली की शुरुआत 18 अक्टूबर से धनतेरस के साथ होगी, और 23 अक्टूबर तक यह विभिन्न पर्वों के रूप में मनाया जाएगा। खास बात यह है कि इस साल कार्तिक अमावस्या 20 और 21 अक्टूबर को दो दिन रहेगी, जिससे दीपावली को लेकर पंचांग भेद सामने आए हैं। हालांकि, ज्यादातर ज्योतिषियों का मानना है कि 20 अक्टूबर की रात लक्ष्मी पूजा करना अधिक शुभ रहेगा।
दीपावली के 6 दिन: पर्वों की पूरी जानकारी
18 अक्टूबर – धनतेरस:
धनतेरस दीपावली के पहले दिन का पर्व है, जिसे भगवान धनवंतरि की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन घर में नए बर्तन खरीदने की परंपरा है, और यमराज के लिए दीपक जलाने की भी खास रिवाज है। साथ ही, देवी लक्ष्मी की पूजा भी की जाती है।
19 अक्टूबर – रूप चौदस (नरक चतुर्दशी):
इस दिन को नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है, क्योंकि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध किया था। इस दिन उबटन करके स्नान करने की परंपरा है, जो शरीर को शुद्ध करता है और बुराईयों से मुक्ति दिलाता है।
20 अक्टूबर – लक्ष्मी पूजा:
20 अक्टूबर की रात में लक्ष्मी पूजा का आयोजन होगा। कार्तिक अमावस्या की रात देवी लक्ष्मी की पूजा का खास महत्व है, क्योंकि इस दिन समुद्र मंथन से देवी लक्ष्मी प्रकट हुई थीं। लक्ष्मी पूजा में भगवान गणेश, महालक्ष्मी, भगवान विष्णु, शिव, देवी सरस्वती, और कुबेर देव की पूजा की जाती है।
deepotsav lakshmi puja october 2025: अमावस्या तिथि
20 अक्टूबर को अमावस्या तिथि दोपहर 2:25 बजे से शुरू होगी और 21 अक्टूबर को शाम 4 बजे तक रहेगी। इस दौरान संध्या काल (प्रदोष काल) में लक्ष्मी पूजा करना श्रेष्ठ रहेगा।
21 अक्टूबर – स्नान-दान की कार्तिक अमावस्या:
इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करना और दान-पुण्य करना विशेष फलदायी माना जाता है। पितरों के लिए इस दिन धूप-ध्यान करना भी शुभ माना जाता है। यह दिन कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के आगमन से पहले अंतिम अमावस्या तिथि के रूप में मनाया जाता है।
22 अक्टूबर – गोवर्धन पूजा:
कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के दिन गोवर्धन पूजा होती है। यह पूजा मथुरा स्थित गोवर्धन पर्वत की पूजा करने की परंपरा का हिस्सा है। द्वापर युग में श्री कृष्ण ने ब्रजवासियों को कंस की बजाय गोवर्धन पर्वत की पूजा करने का आदेश दिया था, तभी से इस दिन गोवर्धन पूजा होती है।
23 अक्टूबर – भाई दूज:
भाई दूज यमराज और उनकी बहन यमुनाजी से जुड़ा हुआ पर्व है। इस दिन बहन अपने भाई को भोजन कराती है और यमराज से भाई की लंबी उम्र की कामना करती है। इस दिन भाई अपनी बहन के घर आकर भोजन करता है, और इसके बदले में बहन उसे उपहार देती है।
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deepotsav lakshmi puja october 2025: दीपावली मनाएं 20 अक्टूबर को?
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, 20 अक्टूबर की रात को लक्ष्मी पूजा करना ज्यादा शुभ होगा। इस दिन की रात में अमावस्या तिथि रहेगी, और यह तिथि प्रदोष काल (संध्या काल) के साथ मेल खाती है, जो लक्ष्मी पूजा के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इसलिए, इस साल 20 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजा को सर्वोत्तम मुहूर्त माना जा रहा है।

दीपावली 2025 के खास तिथियों का महत्व
- धनतेरस (18 अक्टूबर): भगवान धनवंतरि की पूजा और दीप जलाने की परंपरा।
- रूप चौदस (19 अक्टूबर): नरकासुर का वध और उबटन स्नान की परंपरा।
- लक्ष्मी पूजा (20 अक्टूबर): समुद्र मंथन से देवी लक्ष्मी का प्रकट होना और पूजा का महत्व।
- स्नान-दान (21 अक्टूबर): कार्तिक अमावस्या में पवित्र नदियों में स्नान और दान करना।
- गोवर्धन पूजा (22 अक्टूबर): गोवर्धन पर्वत की पूजा और श्री कृष्ण के साथ संबंध।
- भाई दूज (23 अक्टूबर): भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत बनाने का पर्व।
इस साल दीपावली का उत्सव 6 दिनों तक मनाया जाएगा, और खास तौर पर 20 अक्टूबर की रात लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ मानी जाएगी। यह पर्व न सिर्फ धार्मिक रूप से बल्कि पारिवारिक रूप से भी एकता और खुशहाली का प्रतीक है। तो तैयार हो जाइए दीपावली की रौनक में शामिल होने के लिए!

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