गंदा पानी जानलेवा
गंदा या दूषित पानी पीना केवल पेट खराब होने तक सीमित नहीं है, यह शरीर के अंगों पर हमला करने वाली कई जानलेवा बीमारियों का जोखिम कई गुना बढ़ा देता है। गंदे पानी में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी हमारे पाचन तंत्र से होते हुए रक्त प्रवाह में मिल जाते हैं।

हैजा-टाइफाइड जैसी बीमारियां
diseases caused by dirty water: जब शुद्ध जल स्रोतों में सीवरेज का पानी या फैक्ट्री का अपशिष्ट मिल जाता है, तो वह पानी हैजा, टाइफाइड और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों का केंद्र बन जाता है। खासकर घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जहां पाइपलाइनों में लीकेज की समस्या होती है, वहां पानी का रंग भले ही साफ दिखे, लेकिन उसमें मौजूद जीव लीवर और आंतों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
पानी की शुद्धता को नजरअंदाज करना जानलेवा
डिहाइड्रेशन के साथ-साथ इन बीमारियों से होने वाला ‘इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन’ किडनी फेलियर और Nervous system की समस्याओं का जोखिम भी कई गुना बढ़ा देता है। इसलिए पानी की शुद्धता को नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है।

diseases caused by dirty water: तेजी से फैलती है बीमारी
बता दे, गंदा पानी टाइफाइड और हैजा का सबसे बड़ा कारण है। टाइफाइड ‘साल्मोनेला टाइफी’ बैक्टीरिया से होता है, यह तेज बुखार और आंतों में घाव कर सकता है। वहीं हैजा होने पर शरीर से पानी इतनी तेजी से निकलता है कि घंटों के भीतर मरीज की कंडिशन बेहद नाजुक हो सकती है। ये दोनों बीमारियां गंदे पानी के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत तेजी से फैल सकती हैं।
