D Gukesh Historic Chess Win: भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट 2025 में लगातार दो बड़ी जीत के साथ इतिहास रच दिया है। उन्होंने नंबर 1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन हराने के बाद अब हमवतन अर्जुन एरिगैसी को मात दी। ये जीत न सिर्फ उनके करियर की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि शतरंज जगत के लिए भी एक अहम मोड़ है।
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कार्लसन को हराने के बाद अब एरिगैसी को भी दी मात…
19 वर्षीय गुकेश ने टूर्नामेंट के सातवें राउंड में अर्जुन एरिगैसी को हराकर क्लासिकल शतरंज में उनके खिलाफ अपनी पहली जीत दर्ज की। ये वही एरिगैसी हैं जिनसे गुकेश को दूसरे राउंड में हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस जीत से उन्होंने उस हार का बदला भी चुकता कर लिया।
कार्लसन के खिलाफ पहली क्लासिकल जीत..
इससे एक दिन पहले, गुकेश ने छठे राउंड में मैग्नस कार्लसन को हराकर क्लासिकल फॉर्मेट में उनके खिलाफ अपनी पहली जीत हासिल की थी। ये मैच गुकेश के करियर का टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। कार्लसन ने हार के बाद गुस्से में चेस बोर्ड पर मुक्का मारा, जिससे मोहरे बिखर गए। हालांकि बाद में उन्होंने गुकेश से माफी मांगी और उनकी पीठ थपथपाई।
अंकतालिका में गुकेश ने कार्लसन को पीछे छोड़ा…
गुकेश की इन लगातार दो जीतों से उनके 11.5 अंक हो गए हैं, जिससे उन्होंने कार्लसन को पीछे छोड़कर दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। वहीं फैबियानो कारूआना 12.5 अंकों के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं। उन्होंने चीन के वेई यी को हराया।
कार्लसन तीसरे, नाकामुरा चौथे स्थान पर…
कार्लसन ने अमेरिका के हिकारू नाकामुरा को आर्मागेडन में हराकर 11 अंक हासिल किए और तीसरे स्थान पर हैं। नाकामुरा 8.5 अंकों के साथ चौथे स्थान पर हैं।
एरिगैसी खिसके पांचवें स्थान पर…
गुकेश से हारने के बाद अर्जुन एरिगैसी 7.5 अंकों के साथ 5वें स्थान पर खिसक गए हैं। चीन के वेई यी 6.5 अंकों के साथ छठे पायदान पर हैं। टूर्नामेंट में अब भी तीन राउंड खेले जाने बाकी हैं।
गुकेश की शतरंज यात्रा…
डी. गुकेश का जन्म 29 मई 2006 को चेन्नई, तमिलनाडु में हुआ था। उनके पिता डॉ. राजिनीकांत एक ईएनटी सर्जन हैं, जबकि उनकी माता डॉ. पद्माकुमारी एक माइक्रोबायोलॉजिस्ट हैं। गुकेश ने सात साल की उम्र में शतरंज खेलना शुरू किया और जल्द ही अपनी प्रतिभा से सबको प्रभावित किया। उन्होंने 2015 में अंडर-9 एशियाई स्कूल चेस चैंपियनशिप और 2018 में अंडर-12 वर्ल्ड यूथ चेस चैंपियनशिप जीती।

गुकेश ने 15 जनवरी 2019 को 12 साल की उम्र में ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल किया, जिससे वह इतिहास के दूसरे सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर बने। इसके बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण टूर्नामेंट्स में भाग लिया और अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से शतरंज की दुनिया में अपनी पहचान बनाई।
उपलब्धियां…
गुकेश ने दिसंबर 2024 में इतिहास रचते हुए सिंगापुर में आयोजित वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप के फाइनल में चीन के डिंग लिरेन को 7.5-6.5 से हराकर 18 साल की उम्र में वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप का खिताब जीता, जिससे वह सबसे कम उम्र के वर्ल्ड चेस चैंपियन बने। इससे पहले यह रिकॉर्ड गैरी कास्पारोव के नाम था, जिन्होंने 1985 में 22 साल की उम्र में चैंपियनशिप जीती थी।
