Cyclone Montha Impact Ends Chhattisgarh : बंगाल की खाड़ी में विकसित चक्रवाती तूफान मोन्था का असर अब कम होने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी जिलों में अभी भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावनाएं बनी हुई हैं, लेकिन जल्द मौसम सामान्य हो जाएगा। किसानों को नुकसान से बचाव के लिए सतर्क रहना जरूरी है।
दक्षिण-पश्चिमी जिलों में बारिश की संभावना
मौसम वैज्ञानिक बताते हैं कि दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्रों में अगले एक-दो दिनों तक बारिश जारी रह सकती है, जिससे फसलों को नमी मिलेगी, परंतु तेज बारिश की संभावना अब नहीं रही। किसान अपने खेतों की उचित निगरानी करें ताकि फसल पर ज्यादा कोई प्रभाव न पड़े।
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तापमान में गिरावट
मौसम के ठंडा होने के कारण तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। यह परिवर्तन मौसम के सामान्य होने का संकेत है और रात के तापमान में खासकर गिरावट महसूस की जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए किसानों और आम जनता को ठंड से बचाव के उपाय करने चाहिए।
आगामी दिनों का मौसम पूर्वानुमान
राज्य के मौसम विभाग ने बताया है कि कल से मौसम में शुष्क प्रवृति बनेगी और बारिश की संभावना कम हो जाएगी। हवा की गति भी सामान्य हो जाएगी, जिससे मौसम में स्थिरता आएगी। तापमान में होने वाली गिरावट से कुछ दिनों के लिए ठंडक बढ़ेगी।
धान की फसल को नुकसान
पिछले कुछ दिनों में चक्रवात मोन्था के कारण रायपुर, कवर्धा, बिलासपुर, रायगढ़ और सरगुजा समेत कई जिलों में बारिश हुई। कवर्धा में पानी बरसा, जिससे खेतों में पहले से कटी हुई फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई। नुकसान देखकर किसान खेत में गिर पड़ा।वहीं बस्तर में भी खड़ी फसल झुक गई तो कहीं कट चुके धान की बोरियां और ढेर खेतों में भीग कर सड़ने लगे हैं।
इस प्रकार, मोन्था तूफान के बाद मौसम का असर धीरे-धीरे खत्म हो रहा है और आने वाले दिनों में मौसम सामान्य होने की संभावना है, जिससे कृषि गतिविधियां भी फिर से सुचारू रूप से चलेंगी।
