मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से दोस्ती को शर्मसार करने और दिल दहला देने वाला मामला शुक्रवार को सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। 10 दिनों से लापता युवक की तलाश एक खौफनाक सच्चाई पर जाकर खत्म हुई, जब उसका कंकाल जंगल के गड्ढे से बरामद हुआ। जांच में खुलासा हुआ कि इस जघन्य वारदात को अंजाम किसी और ने नहीं, बल्कि उसके ही करीबी दोस्त ने दिया था।
प्रतीकात्मक तस्वीर
मलावर क्षेत्र से लापता हुआ था युवक
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान गोलू वाल्मीकि के रूप में हुई है, जो राजगढ़ के मलावर क्षेत्र से करीब 10 दिन पहले अचानक लापता हो गया था। परिवार और स्थानीय लोग लगातार उसकी तलाश में जुटे थे। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब पुलिस ने उसके दोस्त रघुवीर साउंडिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
हत्या के बाद जंगल में दफनाया शव
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी रघुवीर ने गोलू की हत्या कर उसके कानों में पहनी सोने की मुरकी निकाल ली और शव को जंगल के एक गड्ढे में दफना दिया, ताकि किसी को भनक न लगे। इसके बाद उसने सोने के गहनों को एयू बैंक की शाखा में गिरवी रखकर करीब 40 हजार रुपये का लोन भी ले लिया। पुलिस को शक है कि यह हत्या पहले से ही योजनाबद्ध थी।
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संदेह से बचने के लिए तलाश में भी शामिल हुआ आरोपी
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि आरोपी खुद को संदेह से बचाने के लिए गोलू की तलाश में भी शामिल हुआ। परिजनों के मुताबिक, घटना वाले दिन रघुवीर उनके घर पहुंचा और गोलू के बारे में जानकारी लेकर उसी दिशा में चला गया, जहां वह आखिरी बार देखा गया था। बाद में मौके पर गोलू की बकरियां लावारिस हालत में मिलीं, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई।
परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का लगाया आरोप
गोलू के परिवार ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शुरुआती शिकायतों के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं की गई। उनका दावा है कि रघुवीर से पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया था। बाद में परिवार ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप से जांच तेज हुई।
कबूलनामे के बाद बरामद हुआ कंकाल
लगातार पूछताछ के दौरान रघुवीर ने आखिरकार अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस टीम ने जंगल से कंकाल बरामद किया। घटनास्थल से खून से सने कपड़े भी मिले हैं, जो आरोपी के खिलाफ अहम सबूत माने जा रहे हैं।
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पुलिस ने बताया कि कंकाल को फॉरेंसिक जांच के लिए भोपाल भेजा गया है, ताकि मौत के कारणों की पुष्टि की जा सके। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और यह भी जांच की जा रही है कि इस अपराध में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।