Cricket Rules Change 2026: क्रिकेट की दुनिया में बड़ा अपडेट सामने आया है। मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने क्रिकेट के 73 नियमों में बदलाव कर दिए हैं, जो 2022 के बाद का सबसे बड़ा संशोधन माना जा रहा है। इनमें टेस्ट मैच के आखिरी ओवर, ओवरथ्रो, डेड बॉल, बाउंड्री कैच, विकेटकीपर की पोजीशन जैसे कई महत्वपूर्ण नियम शामिल हैं।
लेमिनेटेड बैट को भी सशर्त मंजूरी मिली है। ये नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से स लागू होंगे। MCC का कहना है कि -‘ये बदलाव खेल को और अधिक रोमांचक, निष्पक्ष और आधुनिक बनाने के लिए किए गए हैं।’
1. टेस्ट मैच में दिन का आखिरी ओवर अब हर हाल में होगा पूरा
टेस्ट क्रिकेट में दिन के अंतिम ओवर को लेकर नया नियम लागू किया है। अब अगर आखिरी ओवर में विकेट गिरता भी है, तो ओवर पूरा कराया जाएगा। MCC ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि -‘यह अनुचित माना गया कि अगर दिन के अंतिम ओवर में गेंदबाजी कर रही टीम विकेट लेती है, तो बल्लेबाजी टीम को नया बल्लेबाज भेजने की जरूरत नहीं पड़ती।’

आगे कहा गया कि-
‘इससे समय की बचत भी नहीं होती, क्योंकि बची हुई गेंदें अगले दिन पूरी करनी ही पड़ती हैं। साथ ही इससे खेल का रोमांच कम हो जाता है। नया बल्लेबाज मुश्किल परिस्थितियों से बच जाता है। क्योंकि आमतौर पर उस समय गेंदबाजों के लिए हालात अनुकूल होते हैं। नए नियम के तहत अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो अंतिम पूरा किया जाएगा, भले ही उस दौरान विकेट गिर जाए।’

2. ओवरथ्रो और डेड बॉल की परिभाषा में स्पष्टता
ओवरथ्रो और मिसफील्ड के बीच अब साफ अंतर किया गया है। ओवरथ्रो सिर्फ तब माना जाएगा जब फील्डर विकेट पर गेंद फेंकता है और वह आगे निकल जाती है। अगर बाउंड्री पर गेंद रोकते समय हाथ से फिसलकर निकल जाए, तो इसे मिसफील्ड कहा जाएगा।
डेड बॉल के नियम में भी बदलाव
‘अब गेंद सिर्फ गेंदबाज या विकेटकीपर के हाथ में होने जरुरी नहीं है। अगर वह किसी फील्डर के पास रुक गई हो या मैदान पर थम गई हो, और अंपायर को लगे कि रन लेना संभव नहीं, तो वह डेड बॉल घोषित कर सकता है। अंपायरों को अब बॉल डेड होने का फैसला लेने में ज्यादा छूट मिलेगी, जिससे खेल सुचारू रहेगा।’

3. लेमिनेटेड बैट को क्लब स्तर पर सशर्त मंजूरी
लेमिनेटेड या टाइप-डी बैट, जो लकड़ी के2-3 टुकड़ों को जोड़कर बनाए जाते हैं, अब ओपन एज क्लब क्रिकेट में इस्तेमाल किए जा सकेंगे। ये बैट पारंपरिक सिंगल-पीस बैट से सस्ते होते हैं। ओपन एज क्रिकेट में सभी उम्र के खिलाड़ी खेल सकते हैं, जहां उम्र की कोई सीमा नहीं होती।

MCC ने कहा कि- ‘इससे क्लब स्तर पर क्रिकेट अधिक सुलभ बनेगा, लेकिन उच्च स्तर के मैचों में अभी इनकी मंजूरी नहीं है।’
4. हिट विकेट नियम में कन्फ्यूजन दूर
हिट विकेट के नियम को और स्पष्ट किया गया है ताकि फैसलों में कोई असमंजस न रहे।
1. अगर बल्लेबाज शॉट खेलने के बाद संतुलन बिगड़ने से स्टंप्स पर गिरता है, तो वह आउट होगा, भले गेंद कितनी दूर जा चुकी हो। लेकिन अगर फील्डर से टक्कर की वजह से ऐसा होता है, तो नॉट आउट रहेगा।
2. बल्ला छूटने पर: अगर बल्ला सीधे स्टंप्स पर लगता है, तो आउट; लेकिन अगर पहले विकेटकीपर या फील्डर को छूता है, तो नॉट आउट।
MCC ने इन बदलावों से खेल की निष्पक्षता बढ़ाने का दावा किया है।

5. बॉल और बैट के नए मानक
MCC ने महिला और जूनियर खिलाड़ियों की सलाह से गेंदों के नए मानक तय किए हैं। अब गेंदों को तीन साइज में बांटा गया है:-
साइज-1: पुरुष क्रिकेट के लिए वही पुरानी गेंद, कोई बदलाव नहीं।
साइज-2: महिला और जूनियर खिलाड़ियों के लिए हल्की और छोटी गेंद, खेलने में आसानी के लिए।
साइज-3: छोटे बच्चों के लिए सबसे हल्की और छोटी गेंद, सीखने में मददगार।
सभी साइज की गेंदों में गुणवत्ता, मजबूती और सुरक्षा के नियम एक जैसे रहेंगे। इससे महिला और जूनियर क्रिकेट को बढ़ावा मिलेगा।
मेरिलबोन क्रिकेट क्लब बनाता है क्रिकेट के नियम
क्रिकेट नियमों का संरक्षक मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) 1787 में स्थापित लंदन का एक प्रतिष्ठित प्राइवेट क्लब है। इसने 1788 में क्रिकेट के पहले आधिकारिक नियम बनाए थे।
आज भी MCC के पास क्रिकेट नियमों का कॉपीराइट है, भले ही इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) खेल का संचालन करे। MCC नियमों को समय-समय पर अपडेट करता है ताकि खेल आधुनिक चुनौतियों से निपट सके।
