महाराष्ट्र इस तरह का फैसला लेने वाला देश का दूसरा राज्य बना
महाराष्ट्र में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने गाय को राजकीय माता का दर्जा दिया है। यह आदेश महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने जारी किया है। महाराष्ट्र सरकार की कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया।
इस फैसले की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वैदिक काल से ही देसी गाय का दूध मानव भोजन के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है। आयुर्वेद चिकित्सा प्रणाली, पंचगव्य उपचार प्रणाली, गौमूत्र जैविक खेती प्रणाली में यह बहुत महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अब गाय को ‘राजमाता’ घोषित कर दिया है।
महाराष्ट्र के हालात की समीक्षा के बाद चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव की तैयारियों की जानकारी दी। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि पिछले दो दिनों में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर सभी राजनीतिक दलों की बैठक हुई है। सभी कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई थी। हमने उन्हें कई निर्देश दिए हैं।
गाय को राज्य माता घोषित करने वाला पहला राज्य
उत्तराखंड गाय को “राजमाता” घोषित करने वाला भारत का पहला राज्य है। उत्तराखंड विधानसभा ने 19 सितंबर, 2018 को इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें मांग की गई थी कि गाय को राष्ट्र की मां का दर्जा दिया जाए। प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर केंद्र सरकार के पास भेजा गया। अब महाराष्ट्र की शिंदे सरकार की कैबिनेट ने उन्हें रानी माता का दर्जा दे दिया है।

Cow is mother of the state maharashtra
