COVID-19: सिंगापुर और थाईलैंड के बाद भारत में भी कोरोना के नए वैरिएंट ने दस्तक दे दी है। बीते 24 घंटे में देशभर में 27 नए केस मिले हैं और 2 मरीजों की मौत हुई है। कर्नाटक के बेंगलुरु में 84 वर्षीय बुजुर्ग और महाराष्ट्र के ठाणे में 21 साल के युवक की जान गई है।

COVID-19: केस की संख्या बढ़कर 363 हो गई
देशभर में एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 363 हो गई है। महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, उत्तराखंड, हरियाणा, मध्यप्रदेश और यूपी से नए मरीज सामने आए हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों को अलर्ट किया है। दिल्ली सरकार ने भी सभी अस्पतालों को सतर्क रहने और पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।
COVID-19: अधिकतर मरीज होम आइसोलेशन में ठीक हो रहे
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव की अगुवाई में हुई समीक्षा बैठक में ICMR, DHR, DGHS और NCDC के अधिकारी शामिल हुए। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि नए केस केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और कर्नाटक से आ रहे हैं, हालांकि अधिकतर मरीज होम आइसोलेशन में ठीक हो रहे हैं।
COVID-19: WHO ने फिलहाल चिंताजनक नहीं माना
INSACOG के अनुसार, भारत में कोविड-19 के NB.1.8.1 और LF.7 वैरिएंट के कुछ मामले मिले हैं, जिन्हें WHO ने फिलहाल चिंताजनक नहीं माना है, लेकिन निगरानी में रखा है।
दिल्ली और कर्नाटक में सरकारें सतर्क
COVID-19: दिल्ली और कर्नाटक में सरकारें सतर्क हैं। दिल्ली में 23 केस मिले हैं, वहीं कर्नाटक में अब तक 35 केस सामने आ चुके हैं। बेंगलुरु में एक 9 महीने का बच्चा भी संक्रमित पाया गया है। उत्तराखंड में मिले मरीजों को ऋषिकेश एम्स में भर्ती किया गया है।
क्या होता है JN.1 वैरिएंट
COVID-19: JN.1 वैरिएंट, जो ओमिक्रॉन के BA.2.86 का स्ट्रेन है, तेजी से फैलता है और इम्यूनिटी को प्रभावित करता है, पर यह ज्यादा गंभीर नहीं है। WHO ने इसे ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ की श्रेणी में रखा है।अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार JN.1 अन्य वैरिएंट्स की तुलना में ज्यादा आसानी से फैलता है, लेकिन यह बहुत गंभीर नहीं है। दुनिया के कई हिस्सों में यह सबसे आम वैरिएंट बना हुआ है। JN.1 वैरिएंट के लक्षण कुछ दिनों से लेकर हफ्तों तक रह सकते हैं।
