रिपोर्ट- प्रभात कुमार
जालौन में देश के पहले वाटर समिट का आयोजन किया गया। जल संचयन में जन भागीदारी की थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से साढ़े 7 लाख से अधिक लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में नेशनल वाटर मिशन भारत सरकार की मिशन डायरेक्टर अर्चना वर्मा और उत्तर प्रदेश जल निगम के प्रबंध निदेशक राजशेखर शामिल हुए। जिन्होंने जल संरक्षण को लेकर सरकार द्वारा चलाई जा रही मुहिम की जानकारी लोगों के बीच साझा की। इसके साथ ही कार्यक्रम में जल संरक्षण को लेकर विशेष कार्य करने वाले ग्राम प्रधानों व जल सहेलियों के कार्यों की हौसलाअफजाई की गई।
जालौन के जिला मुख्यालय उरई के मेडिकल ऑडिटोरियम में सोमवार को वाटर समिट का आयोजन किया गया। समिट में जिले भर के ग्राम प्रधान, जल सखी, एनजीओ के अलावा तमाम उधोगपतियों ने शिरकत की। वहीं कार्यक्रम में पहुंची भारत सरकार के नेशनल वॉटर मिशन की मिशन डायरेक्टर अर्चना वर्मा ने जल संचयन को लेकर जालौन जिला प्रसाशन व स्वयं सहायता समूहों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जालौन में जिस प्रकार जल संरक्षण को लेकर ग्रामीण तबके से लेकर शहरी इलाके का व्यक्ति जागरूक है उसी तरह सभी को सीख लेकर इस मुहिम को आगे बढ़ाना चाहिए। वही उन्होंने सरकार द्वारा जल संरक्षण को लेकर चलाई जा रही मुहिम की जानकारी लोगों के बीच साझा की।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश जल निगम के प्रबंध निदेशक राजशेखर ने कहा कि जालौन में आयोजित वाटर समिट जल संरक्षण को लेकर राष्ट्रीय स्तर का पहला कार्यक्रम है। यहां के लोगों ने जिस प्रकार जल संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है वह तारीफ के हकदार हैं। कार्यक्रम के माध्यम से 7.5 लाख से अधिक लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई है। इसके साथ ही इस कार्यक्रम में उधोगपतियो से लेकर गांव तबके के आम किसान ने अपनी भागीदारी देकर जल संरक्षण का बीड़ा उठाया है। मेडिकल ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में झांसी मंडल के कमिश्नर, डीआईजी, स्थानीय विधायको, जनप्रतिनिधियों, प्रसाशनिक अधिकारियों ने भी जल संरक्षण की शपथ ली।
