cough syrup tragedy: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में कफ सिरप सेवन से बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस गंभीर मामले में 2 साल की एक और मासूम बच्ची योगिता ठाकरे ने दम तोड़ दिया है। बच्ची की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे नागपुर के अस्पताल में पिछले एक सप्ताह से भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार को उसकी मौत हो गई।

एक खास कफ सिरप का सेवन किया
योगिता छिंदवाड़ा के परासिया क्षेत्र के बढ़कुही गांव की रहने वाली थी। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्ची की मौत किडनी फेल होने से हुई है। अब तक सामने आए सभी मामलों में एक समान लक्षण देखने को मिल रहे हैं, जिसमें बच्चों की हालत बिगड़ने के बाद उनकी किडनी ने काम करना बंद कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इन सभी बच्चों ने एक खास कफ सिरप का सेवन किया था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई सवाल
योगिता की मौत के साथ ही कफ सिरप कांड में मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 11 हो चुकी है। इन बच्चों की उम्र 1 साल से लेकर 6 साल के बीच थी। यह मामला सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है और स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई सवाल उठ खड़े हुए हैं।
cough syrup tragedy: बच्चों की किडनी फेल हो रही
राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही कफ सिरप के नमूनों को परीक्षण के लिए भेजा गया है। इससे पहले, कुछ नमूनों की जांच में जहरीले तत्व मिलने की पुष्टि भी हो चुकी है, जिससे बच्चों की किडनी फेल हो रही है।
लापरवाही बरती गई
इस मामले में विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस नेताओं ने स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि सरकार बच्चों की जान से खिलवाड़ कर रही है और लापरवाही बरती गई है।
छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड ने न केवल बच्चों के स्वास्थ्य को प्रभावित किया है, बल्कि अभिभावकों में भय और चिंता का माहौल बना दिया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या सामने आता है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।
