Copper utensils: भारतीय रसोई में तांबे के बर्तन प्राचीन समय से इस्तेमाल होते आ रहे हैं। पहले इन बर्तनों में खाना पकाया और परोसा भी जाता था। हालांकि अब आधुनिक बर्तनों के चलते तांबे का चलन घट गया है, लेकिन कई घरों में आज भी ये पारंपरिक बर्तन उपयोग में लाए जाते हैं। ऐसे में यह सवाल अक्सर उठता है कि क्या दूध को तांबे के बर्तन में रखना या पीना सुरक्षित है?

Copper utensils: तांबे के बर्तन में पानी पीना क्यों फायदेमंद है?
तांबा एक प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल धातु है। जब पानी को कुछ घंटों तक तांबे के बर्तन में रखा जाता है, तो तांबा उसमें थोड़ी मात्रा में घुलता है, जो शरीर के लिए लाभकारी होती है। यह पानी पाचन तंत्र को सुधारता, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता, और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसलिए तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना आयुर्वेद में भी लाभकारी माना गया है।
Copper utensils: दूध को तांबे के बर्तन में रखना क्यों हानिकारक है?
दूध में हल्का अम्लीय (Acidic) तत्व होता है, जो तांबे के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया करता है। जब दूध तांबे के बर्तन में रखा जाता है, तो कॉपर आयन (Copper ions) दूध में घुल जाते हैं। इससे दूध का स्वाद और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकते हैं। साथ ही, इससे बनने वाले हानिकारक यौगिक (toxic compounds) शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।
Copper utensils: इस तरह का दूध पीने से पेट दर्द, उल्टी, दस्त, और लंबे समय तक सेवन से कॉपर टॉक्सिसिटी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
निष्कर्ष: सिर्फ पानी ही रखा जाए
तांबे के बर्तन में सिर्फ पानी ही रखा जाए, यह सेहत के लिए लाभकारी है। लेकिन दूध, दही, नींबू, या अन्य अम्लीय चीजें इन बर्तनों में रखने से बचें, क्योंकि इससे शरीर को नुकसान हो सकता है।
