CM Pushkar Singh Dhami: अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के उपलक्ष्य में देहरादून स्थित राजभवन में ‘सहकारिता में सहकार’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पारंपरिक हस्तशिल्प, बुनकरों की भूमिका और स्वदेशी उत्पादों के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि अगर हम अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देना शुरू करें, तो यह आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में बड़ा योगदान देगा।
सहकारिता वर्ष-2025 का महत्व
सहकारिता की भावना समाज को जोड़ने का कार्य करती है। वर्ष 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में मनाना इस विचारधारा को आगे बढ़ाने का अवसर है। सहकारिता न केवल आर्थिक प्रगति का साधन है बल्कि सामाजिक एकजुटता का भी प्रतीक है। छोटे उद्योगों, कारीगरों और बुनकरों को सहयोग से सशक्त बनाया जा सकता है।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में पारंपरिक हस्तशिल्पों को बढ़ावा देने एवं बुनकर भाई–बहनों को सशक्त बनाने हेतु विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। pic.twitter.com/OysPo2iGJL
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 17, 2025
हस्तशिल्प की लगाई प्रदर्शनी
राजभवन, देहरादून में आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिससे कलाकारों और बुनकरों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिला।
CM Pushkar Singh Dhami: CM धामी का संबोधन
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार बुनकर भाई-बहनों और शिल्पकारों के लिए कई योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं के जरिए हस्तशिल्प को प्रोत्साहन मिल रहा है। पारंपरिक हुनर को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। CM ने कहा कि उत्तराखंड की पारंपरिक वेशभूषा हमारी पहचान है। आज यह वेशभूषा वैश्विक मंचों पर भी हमें गर्व महसूस करवा रही है। सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना हमारी जिम्मेदारी है।
हमारी सांस्कृतिक वेशभूषा हमारे गौरव का विषय है और आज यही वेशभूषा हमें वैश्विक मंचों पर भी गौरवान्वित कर रही है। pic.twitter.com/ELLqbUGODI
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 17, 2025
आत्मनिर्भर भारत की नींव
सीएम धामी ने अपने संबोधन में जोर दिया कि दैनिक जीवन में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देना ही सच्चा देशप्रेम है। यह न केवल छोटे उद्योगों को सहारा देगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
