Controversial statement: पिछले महीने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य का लिव इन रिलेशनशिप को लेकर एक बयान सामने आया था… जिसमें उन्होंने कहा था- अब लड़कियां लाते हैं… 25 साल कीं, अब 25 साल की लड़की चार जगह वो मुंह मार चुकी होती है… सब नहीं पर बहुत और 25 साल की होकर जब आतीं हैं तो वह पूरी जवान होकर आती हैं…

Controversial statement: ड्रम वाला केस अभी ज्यादा पुराना हुआ नहीं…
जब जवान होकर आएगी तो स्वाभाविक है कि, वो अपनी जवानी कहीं न कहीं तो फिसल जाएगी या जाएगी… जैसे कि अभी एक लड़के के संग हनीमून मनाने गई.. लेकिन किसी और के साथ वो रह चुकी थी…
उसके साथ चक्कर था वो ड्रम वाला केस अभी ज्यादा पुराना हुआ नहीं…
सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने की कथावाचक अनिरुद्धाचार्य से मुलाकात

भोपाल से पूर्व भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के लिव इन में रह रहे महिलाओं को लेकर दिए गए बयान का समर्थन किया है।
उन्होंने कहा कि मां-बाप बच्चों को संस्कार नहीं दे पाते तो बच्चियां अर्धनग्न दिखाई देती है।
Controversial statement: बहन उपमा सिंह ठाकुर भी मौजूद थीं
बता दें की साध्वी प्रज्ञा 31 जुलाई को मालेगांव ब्लास्ट केस से बरी होने के बाद वृंदावन गई। जहा उन्होंने वृंदावन में गौरी गोपाल आश्रम पहुंचकर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य से मुलाकात की।
और इस दौरान प्रज्ञा ठाकुर के साथ उनकी बहन उपमा सिंह ठाकुर भी मौजूद थीं…
माता-पिता बच्चों को मर्यादा नहीं सिखा पाते
प्रज्ञा ने अनिरुद्धाचार्य से कहा कि मैं मानती हूं कि आपने जो कहा, वह समाज की स्थिति को स्पष्ट करता है… आपने अपनी बात आत्मविश्वास से कही है… आपने कोई बात मन से नहीं बनाई, मैं आपकी बात का समर्थन करती हूं…
साथ ही उन्होंने कहा कि.. जब समाज में ऐसे परिदृश्य बढ़ने लगते हैं, तो दुराचार की घटनाएं भी बढ़ती हैं…
Controversial statement: साथ ही बेटों को भी यह शिक्षा दी जानी चाहिए
माता-पिता बच्चों को मर्यादा और संस्कार नहीं सिखा पाते… नतीजा यह होता है कि जब लड़कियां स्कूल-कॉलेज जाती हैं, तो कई बार वे अर्धनग्न दिखाई देती हैं…
माताओं को बेटियों को मर्यादा सिखानी चाहिए, लेकिन साथ ही बेटों को भी यह शिक्षा दी जानी चाहिए…
बेटों से पूछे सवाल… अनुशासन दोनों के लिए बराबर
प्रज्ञा ठाकुर ने कहा…
“बेटों से भी पूछा जाना चाहिए कि वे कितने बजे घर आएंगे, जैसे कि बेटियों से पूछा जाता है। घर लौटने का समय एक अनुशासन है, जिसे सभी को मानना चाहिए। जो नियम घर में बनाए गए हैं, उनका पालन जरूरी है।
अगर माताएं-बेटियां और पिता-बेटों को नहीं सिखाएंगे तो समाज में फैल रही विकृति और बढ़ती पाश्चात्य सोच के कारण रिश्तों की पहचान तक मुश्किल हो जाएगी।”
Controversial statement: भी हो, हमारे शब्दों की एक मर्यादा है
इस दौरान कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने बीच में कहा… “लिव-इन…”
प्रज्ञा ठाकुर ने उन्हें टोकते हुए कहा, “जो भी हो, हमारे शब्दों की एक मर्यादा है। भले ही कोर्ट कुछ भी कहे, लेकिन ऐसी बातें सनातन धर्म में स्वीकार्य नहीं हैं, इसलिए हम उनका विरोध करते हैं।”
कलयुग में वेश्या को वेश्या नहीं बोल सकते- अनिरुद्धाचार्य

अनिरुद्धाचार्य ने कहा की कलयुग में वेश्या को वेश्या नहीं कह सकते हैं। वह है तो वेश्या, लेकिन खुद को सती सावित्री सुनना चाहती है। घूमेगी अर्धनग्न, पर सुनना चाहेगी कि हमें देवी कहो।अगर देवी सुनना चाहते हो तो… आप हरकत भी देवी जैसी करो…
वीडियो वायरल होने के बाद अनिरुद्धाचार्य ने अपने बचाव में एक और नया वीडियो जारी कर कहा…..

अनिरुद्धाचार्य ने वीडियो जारी कर कहा कि उनके बयान को काट-छांटकर प्रसारित किया गया जिससे कुछ बहनें आहत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य नारी का अपमान करना नहीं था।
उन्होंने कहा कि कुछ लड़कियां लिव-इन में रहकर रिश्ते नहीं निभा पातीं इसलिए लड़का हो या लड़की चरित्रवान होना ज़रूरी है। अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि यदि उनकी बातों से किसी को दुख हुआ हो तो वे क्षमा चाहते हैं….
