Contaminated water in Indore NEWS: इंदौर में दूषित पानी पीने से मरने वालों की संख्या नहीं थम रही है. अब मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 23 हो गया है.
23वां मृतक का नाम भगवानदास पिता तुकाराम भरणे (64) है. और वह 10 दिन से हॉस्पिटल में एडमिट थे. पहले उन्हें एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती किया गया. बाद में बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया था. जहा उनकी मौत हो गई..

9 जनवरी को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई
इससे पहले एक मृतक की पहचान कमला बाई (59) के रूप में हुई. उसे 5-6 जनवरी से उल्टी-दस्त की शिकायत थी. जहां 9 जनवरी को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई.
बता दें कीमौत के बाद परिजन ने भागीरथपुरा में नगर निगम की टीम और संबंधित केंद्र को इसकी जानकारी दी, लेकिन आधार कार्ड जीवन की फेल का होने के कारण इस मामले को दूषित पानी से हुई मौत के रूप में दर्ज नहीं किया गया।
Contaminated water in Indore NEWS: 1 साल से किडनी की बीमारी से पीड़ित थी
MY अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव का कहना है कि कमला बाई भागीरथपुरा के मरीजों की यूनिट में भर्ती नहीं थी. वह पंचम की फेल की निवासी थी और पिछले एक साल से किडनी की बीमारी से पीड़ित थी.
ICU में भर्ती मरीजों की संख्या 13 हुई

बता दें की भागीरथपुरा में अभी भी लोगों में दूषित पानी का डर बना हुआ है. लोग आरओ, बोरिंग और बोतल के पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं.
Contaminated water in Indore NEWS: अब भर्ती मरीजों की संख्या कम ज्यादा हो रही है. 8 जनवरी को जहां ICU में 10 मरीज थे. 10 जनवरी को ये आंकड़ा 11 तक पहुंच गया.
जानकारी के अनुसार 29 दिसंबर को जब कई लोग अस्पताल में भर्ती हुए तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ अस्पतालों में पहुंचे और मरीजों व उनके परिजनों से बातचीत की.
एक के बाद एक कई लोगों की जान दूषित पानी के कारण चली गई. स्थिति ये है कि कई लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है.
निगम आयुक्त ने किया इलाके का दौरा
नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने भागीरथपुरा इलाके का दौरा किया. यहां पर चल रहे कामों को देखा. इलाके में टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई की भी समीक्षा की.
लगातार टीम के माध्यम से लोगों को पानी उबालकर, छानकर पीने के संबंध में अनाउंसमेंट करने, ड्रेनेज सीवरेज लाइन की सफाई करने, सफाई के बाद निकलने वाली गाद को तुरंत हटाने, मलेरिया टीम द्वारा नाला सफाई करने के लिए भी कहा है.
