संघ का इनकारः कोई फर्म हायर नहीं की
congress vs rss pakistan controversy: दिल्ली की सियासत गुरुवार को अचानक ऐसे मुद्दे से गरमा गई, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। कांग्रेस ने दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के लिए अमेरिका में एक ऐसी फर्म लॉबिंग कर रही है, जिसके पाकिस्तान से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद हैं। यह आरोप जितना गंभीर है, उतना ही राजनीतिक रूप से विस्फोटक भी।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सुबह X पर पोस्ट किया और लिखा कि RSS न सिर्फ टैक्स नहीं देता बल्कि अब विदेशों में अपने हित साधने के लिए अमेरिकी लॉ फर्म स्क्वायर पैटर्न बॉक्स (SPB) को भारी रकम देकर हायर कर चुका है। पोस्ट के साथ उन्होंने एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया, जो अमेरिकी सीनेट की लॉबिंग डिस्क्लोजर रिपोर्ट का था।
कांग्रेस का कहना है कि यह दस्तावेज साफ बताता है कि SPB, स्टेट स्ट्रीट स्ट्रैटजीज के जरिए RSS के लिए पैरवी कर रही है और यह वही कंपनी है जिसके पाकिस्तान से जुड़े आधिकारिक रजिस्ट्रेशन दस्तावेज मिलते हैं।
congress vs rss pakistan controversy: RSS का जवाब, पूरी तरह झूठ
कांग्रेस के आरोप लगते ही संघ ने तुरंत सफाई दी। RSS के राष्ट्रीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बयान जारी कर कहा कि संघ सिर्फ भारत में काम करता है और उसने कभी भी अमेरिका में किसी लॉबिंग एजेंसी को हायर नहीं किया। उन्होंने इसे सीधा-सीधा “राजनीतिक भ्रम फैलाने की कोशिश” बताया। RSS का तर्क है कि लॉबिंग फर्म तभी किसी संगठन का प्रतिनिधित्व कर सकती है, जब उसे अधिकृत रूप से ऐसा करने का अनुबंध मिले, और संघ ने ऐसा कोई अनुबंध नहीं किया।
जयराम रमेश की पोस्टः राजनीतिक हमला या बड़ा खुलासा?
जयराम रमेश द्वारा शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में यह दिखता है कि अमेरिकी लॉ फर्म ने खुद रिपोर्ट किया है कि वह RSS की तरफ से अमेरिकी संस्थानों में लॉबिंग कर रही है। कांग्रेस का दावा है कि यह “कानूनी दस्तावेज” है, इसलिए इसे नकारना आसान नहीं होगा।
पार्टी का आरोप है कि यह सब चुपचाप किया गया और जनता को अंधेरे में रखा गया। कांग्रेस नेताओं का यह भी कहना है कि “RSS भले पंजीकृत संगठन न हो, लेकिन उसका राजनीतिक प्रभाव देश के हर संस्थान पर है, इसलिए उसकी विदेशों में लॉबिंग समझ से बाहर नहीं।”
RSS पर कांग्रेस के हालिया हमले
कांग्रेस पिछले कुछ महीनों से लगातार RSS को आक्रामक ढंग से निशाना बना रही है। इस विवाद को उसी सिलसिले की कड़ी माना जा रहा है।
हाल ही में तीन बड़े बयान चर्चा में रहे
1. मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान
खड़गे ने कहा था कि अगर सरदार पटेल के फैसले का सम्मान करना है तो RSS पर बैन लगना चाहिए। उनके मुताबिक RSS देश में कानून-व्यवस्था की समस्याओं की जड़ है।
2. सिद्धारमैया का बयान
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने सनातनियों और RSS से सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा था कि यह संगठन सामाजिक परिवर्तन का विरोध करता है।
3. अजय राय का आरोप
UP कांग्रेस अध्यक्ष ने RSS पर यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए और संगठन को “देशविरोधी गतिविधियों” में लिप्त बताया। अब जयराम रमेश का यह दावा उसी राजनीतिक लाइन में आता है, जहां कांग्रेस RSS को अंतरराष्ट्रीय विवादों से जोड़कर उसके नैतिक आधार पर सवाल खड़ा करना चाहती है।
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