मध्य प्रदेश में महिलाओं,बच्चियों पर लगातार दुष्कर्म के मामले सामने आ रहे हैं जिसे लेकर कांग्रेस लगातार सरकार को घेरती नजर आ रही है। इसी कड़ी में राजधानी भोपाल में प्रदेश के सभी दिग्गज नेताओं ने एक अलग तरीके सरकार को घेरने की कोशिश की है। भोपाल के रोशनपुरा चौराहे में कांग्रेसियों ने सामूहिक उपवास शुरू किया है। आपको बतादें कि इस उपवास में कांग्रेस के सभी बड़े नेता पहुंच कर एकता का संदेश दिया है। जिसमें पूर्व सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कांग्रेस के सभी जिलों के नेता और पदाधिकारी शामिल हुए।
प्रदेश के कानून व्यवस्था पर खड़ा कर रहे सवाल
प्रदेश में महिला अपराध लगातार बढ़ रहे हैं जिसको लेकर कांग्रेस लगातार प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए प्रदेश सरकार पर निशाना साध रही है। सामूहिक उपवास में प्रदेशभर से कांग्रेसी शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा AICC महासचिव और मध्य प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह, कांग्रेस के सभी जिलाध्यक्ष अपने-अपने समर्थकों के साथ उपवास में शामिल हुए हैं। साथ ही पीसीसी के सभी पूर्व पदाधिकारियों, प्रदेशभर के ब्लॉक अध्यक्षों, मंडल और सेक्टर अध्यक्षों समेत सभी जनप्रतिनि शामिल हुए।
मध्यप्रदेश की तस्वीर आप सबके सामने है-कमलनाथ
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि मध्य प्रदेश दिन-प्रतिदिन महिलाओं और बच्चियों के लिए असुरक्षित प्रदेश बनता जा रहा है। पिछले दो महीने में जिस तरह से बच्चियों और महिलाओं के साथ बलात्कार एवं सामूहिक दुष्कर्म के समाचार मीडिया में आ रहे हैं उससे महिला सुरक्षा को लेकर अत्यंत गंभीर खतरा खड़ा हो गया है। भोपाल में स्कूल में छोटी बच्ची दरिंदगी का शिकार होती हैं। छतरपुर में बलात्कारियों के हौसले इतने बढ़ जाते हैं कि वह पीड़िता के घर में घुसकर परिजनों को गोली मार देता।
बलात्कार के मामले में मध्य प्रदेश देश में तीसरे नंबर पर
कमलनाथ ने कहा कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं से बलात्कार के मामले में मध्य प्रदेश देश में तीसरे नंबर पर है। इस अवधि में मध्य प्रदेश में बलात्कार के 3029 मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा 3049 महिलाएं छेड़खानी का शिकार हुई और 1445 महिलाएं शारीरिक शोषण का शिकार हुई। प्रदेश में पोस्को से जुड़े अपराधों में 5951 मामले दर्ज किए गए इनमें से बलात्कार के 3641 मामले हैं। महिलाओं और नाबालिग से हुए बलात्कारों को देखें तो प्रदेश में हर दिन 18 बलात्कार हो रहे हैं। कमलनाथ ने कहा कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा किसी भी राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
