सतना नगर निगम स्पीकर राजेश चतुर्वेदी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को मुद्दा खटाई में पड़ गया, आज कांग्रेस पार्टी ने कलेक्टर के सामने फ्लोर टेस्ट न कराने का निर्णय लिया और बात नही बनी तो फ्लोर टेस्ट के लिए उपस्थित हुए,और कांग्रेस को फिर बड़ा झटका लगा,
9 पार्षदों में सिर्फ छः पार्षद फ्लोर टेस्ट के लिए कलेक्टर के सामने उपस्थित हुए ,कांग्रेस के तीन पार्षद की अनुपस्थिति से कांग्रेस दल में मायूसी देखी गई। दरअसल कांग्रेस के द्वारा लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव में अठारह लोगो ने हस्ताक्षर का जिला कलेक्टर के सामने उपस्थित हुए थे,आज उन्ही , अठारह में नौ को फ्लोर टेस्ट के लिए कलेक्टर ने नोटिस दिया था जिसमे तीन पार्षद नही पहले , कल अन्य नौ पार्षदों का फ्लोर टेस्ट है इनमे से एक पार्षद पहले ही बीजेपी का दामन थाम चुकी है ।आज वार्ड नंबर दो की कांग्रेस पार्षद ने पहले अविश्वास पर असहमति जताई और फिर सहमति का पत्र सौंपा ,इस परिस्थिति अनुसार अब कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिरने की संभावना है क्युकी , एक तिहाई पार्षद मतलब कम से कम 15पार्षदों की सहमति मिलना मुस्किल लग रहा, हालाकि नेता प्रतिपक्ष को उम्मीद है की अविश्वास सदन में आयेगा
