Congress fundraiser in every assembly constituency : मध्य प्रदेश कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए एक नया अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। पचमढ़ी में हुई प्रशिक्षण कार्यशाला के बाद अब संगठन ने निर्णय लिया है कि राज्य की हर विधानसभा में 25,000 घरों से 100-100 रुपए का सहयोग एकत्र किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य न केवल आर्थिक सहयोग जुटाना है बल्कि कार्यकर्ताओं का सीधा संपर्क जनता के साथ मज़बूत करना भी है।
60 दिनों का कार्यक्रम होगा जारी
कांग्रेस आलाकमान पचमढ़ी ट्रेनिंग के बाद 60 दिनों का विशेष कार्यक्रम जारी करेगा। इस कार्यक्रम के ज़रिए बूथ, वार्ड और पंचायत स्तर पर सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पार्टी चाहती है कि आने वाले दो महीनों में संगठन गांव-गांव तक अपनी पैठ मजबूत करे और जनता के मुद्दों को लेकर अभियान चलाए।
नेताओं का कहना है कि इस कार्यक्रम को “जनसहयोग और जनसंपर्क अभियान” के रूप में चलाया जाएगा जिससे आम लोगों से जुड़ाव और बढ़ाया जा सके। इस दौरान हर विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ता घर-घर जाकर कांग्रेस की नीतियों और योजनाओं की जानकारी देंगे।
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वार्ड और पंचायत कमेटियां बनेंगी
पार्टी संगठन अब नीचे तक कमेटियों के गठन की दिशा में बढ़ रहा है। नए कार्यक्रम के तहत हर वार्ड और पंचायत स्तर पर कमेटियां बनाई जाएंगी, जिनमें युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इन कमेटियों का दायित्व होगा कि वह न केवल फंड संग्रह में योगदान दें बल्कि स्थानीय मुद्दों पर जनता की बात पार्टी फोरम तक पहुंचाएं।
यह पहल कांग्रेस को जमीनी स्तर पर संगठित करने का प्रयास मानी जा रही है। प्रदेश कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि सभी स्तरों पर जिम्मेदार पदाधिकारियों को फंड कलेक्शन, सदस्यता विस्तार और स्थानीय शिकायतों के समाधान की जवाबदेही दी जाएगी।
जनसहयोग से संगठन को मजबूती
कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि 25,000 घरों से 100-100 रुपए जुटाने का यह विचार केवल धन एकत्र करने का नहीं, बल्कि संगठनात्मक एकजुटता का प्रतीक है। इसके ज़रिए पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि वह जनता के सहयोग से ही अपनी राजनीतिक यात्रा आगे बढ़ाना चाहती है।
आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में कदम
फंड कलेक्शन को लेकर कांग्रेस का यह कदम आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयोग माना जा रहा है। पार्टी चाहती है कि चुनावी फंडिंग में पारदर्शिता रखी जाए और छोटी-छोटी राशि से बड़े स्तर पर संसाधन जुटाए जाएं। इससे न केवल पार्टी का वित्तीय बोझ घटेगा, बल्कि जनसंपर्क का एक मजबूत नेटवर्क भी तैयार होगा।
मध्यप्रदेश कांग्रेस का यह अभियान संगठन के पुनर्गठन और जनसंपर्क दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। 60 दिनों के कार्यक्रम के अंतर्गत गांव-गांव तक पहुंचने, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और जनता का विश्वास जीतने की योजना कांग्रेस के लिए आने वाले चुनावों में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
