48% ज़हर वाली दवाः Coldrif Syrup से 11 बच्चों की मौत, अब पूरे देश में बैन की तैयारी
coldrif syrup ban: सोचिए, एक कफ सिरप जो बच्चों को राहत देने के लिए दिया गया, वही उनकी जान ले ले… मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कुछ ऐसा ही हुआ। मासूमों को सर्दी-खांसी से राहत देने के लिए पिलाई गई ColdriF Cough Syrup उनके लिए मौत का कारण बन गई। अब यही दवा तमिलनाडु, केरल और मध्य प्रदेश में बैन हो चुकी है, और CDSCO पूरे देश में सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।

48.6% जहर: ColdriF Syrup में मिला Diethylene Glycol
तमिलनाडु के ड्रग कंट्रोल विभाग ने जब कोल्ड्रिफ सिरप की जांच की, तो जो सामने आया वह रौंगटे खड़े कर देने वाला था। सिरप में 48.6% Diethylene Glycol (DEG) पाया गया — एक ऐसा केमिकल जो किडनी को फेल कर देता है, और दुनिया में इससे पहले भी कई बच्चों की मौत हो चुकी है (गैम्बिया, उज्बेकिस्तान जैसी घटनाएं याद हैं?)।
Read More:- जिंदगी में होना है सफल तो घर के वास्तु में करें छोटा सा बदलाव
इस केमिकल का उपयोग आमतौर पर एंटीफ्रीज़ और औद्योगिक सॉल्वेंट्स में होता है, न कि दवा में। यह प्राकृतिक रूप से इंसानी शरीर में टूटता नहीं, और थोड़ी मात्रा में भी घातक हो सकता है।
coldrif syrup ban: MP में अब तक 11 मौतें, 5 और संदिग्ध
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा ज़िले में 1 से 5 साल की उम्र के 11 बच्चों की मौत ColdriF Syrup पीने के बाद हुई। ये सभी मौतें किडनी फेल होने से हुई हैं। शुरुआत 24 अगस्त को हुई, और देखते ही देखते 15 दिनों में एक-एक कर 6 मासूमों ने दम तोड़ दिया। CM मोहन यादव ने पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। लेकिन सवाल ये है — ये मौतें रुकी क्यों नहीं?
coldrif syrup ban: राजस्थान में भी कहर: अलग सिरप से 3 और मौतें
यह त्रासदी केवल MP तक सीमित नहीं रही। राजस्थान के भरतपुर, सीकर और चूरू में एक दूसरी फार्मा कंपनी की Dextromethorphan Hydrobromide Syrup से 3 बच्चों की मौत हो गई। यहां भी किडनी फेल्योर वजह बनी।
Read More:- क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी सुबह की शुरुआत कैसी होनी चाहिए?
जैसे ही सरकार हरकत में आई, राजस्थान ड्रग कंट्रोलर को सस्पेंड कर दिया गया। जिस अधिकारी ने पहले कंपनी को “क्लीन चिट” दी थी, उसी को हटाया गया। यह लापरवाही कितनी महंगी पड़ सकती है, इसका अंदाज़ा इन तीन परिवारों से बेहतर कोई नहीं लगा सकता।
coldrif syrup ban: केंद्र सरकार की चेतावनी: 2 साल से कम बच्चों को कफ सिरप मत दो!
3 अक्टूबर को DGHS (Directorate General of Health Services) ने साफ शब्दों में एडवाइजरी जारी की
2 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप देना बेहद खतरनाक हो सकता है।
यह चेतावनी आज नहीं, बहुत पहले आ जानी चाहिए थी। दवाएं जो आराम देने के लिए होती हैं, जब ज़हर बन जाएं, तो हर मां-बाप को दो बार सोचना पड़ेगा – “क्या मैं सही कर रहा हूं?

coldrif syrup ban: श्री सन फार्मा की यूनिट पर बड़ा सवाल
Coldrif Syrup का निर्माण तमिलनाडु के कांचीपुरम ज़िले में स्थित Shri Sun Pharmaceuticals की यूनिट में हो रहा था। वहीं पर सिरप के SR-13 बैच में ये ज़हरीले केमिकल मिले। कंपनी ने मानक गुणवत्ता का उल्लंघन किया, नॉन-फार्माकॉपिया ग्रेड की सामग्री इस्तेमाल की, जिससे 48% DEG contamination हुआ। जब तक सैंपल चेन्नई की सरकारी लैब में टेस्टिंग के लिए भेजे गए, तब तक कई मासूम बच्चों की जान जा चुकी थी।
जब दवा ही ज़हर बन जाए, तो हम किस पर भरोसा करें?
coldrif syrup ban: हर बार की तरह FIR, जांच कमेटी, सस्पेंशन और बैन के बाद मामला ठंडा पड़ जाता है। लेकिन इस बार 11 माताएं अपने बच्चों को खो चुकी हैं। 3 राज्यों में अलर्ट है, और देश भर में डर। ColdriF Syrup एक चेतावनी है — फार्मा इंडस्ट्री को जवाबदेह बनाना होगा। बच्चों की जान कोई टेस्ट केस नहीं है।
Read More:- Best life changing habits: ज़िंदगी को आसान बनाने वाले 5 छोटे बदलाव जो आपकी सोच ही बदल देंगे.
