Coal Scam: एलसीबी पुलिस ने जाम खंभालिया के धरमपुर क्षेत्र स्थित जीआईडीसी में कोयले के काले कारोबार पर शिकंजा कसा है। पुलिस को मिली विशेष सूचना के आधार पर एक बड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाले कोयले के साथ मिलावट का मामला सामने आया है।

कोयले के साथ मिलावट का मामला सामने आया
Coal Scam: आरोप है कि न्यारा कंपनी से लेकर इसके बाद निकलने वाले ट्रक में उच्च गुणवत्ता वाला कोयला भरकर सूत्रापाड़ा की ओर भेजा गया, लेकिन वह सीधे जीआईडीसी स्थित सिद्धनाथ इंडस्ट्रीज नामक कोयला फैक्ट्री पहुंचा। इस फैक्ट्री में संदिग्ध कोयले की मिलावट का काला कारोबार चल रहा था।
कोयला मिलाकर चालाकी की जा रही
पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि यहां उच्च गुणवत्ता वाले कोयले में निम्न गुणवत्ता वाला कोयला मिलाकर चालाकी की जा रही है।
इस धोखाधड़ी का भंडाफोड़ करने के लिए एलसीबी पुलिस ने छापा मारकर कार्रवाई की और 37 लाख रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति जब्त की। इसके साथ ही, संदिग्ध कोयले के नमूने जांच के लिए फॉरेंसिक सायंस लेबोरेट्री (एफएसएल) भेजे गए हैं।
सायंस लेबोरेट्री (एफएसएल) भेजे गए
Coal Scam: द्वारका जिले की अपराध शाखा ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। यदि एफएसएल की जांच में कोयले में मिलावट का साबित हो जाता है, तो यह एक बड़ा कोयला घोटाला सामने आ सकता है,
लोगों के खिलाफ गंभीर कार्रवाई हो सकती
जिससे कोयला कारोबार और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ गंभीर कार्रवाई हो सकती है।
इस मामले में पुलिस सतर्क है और जांच मामले की तह तक जाने के लिए ज़ोर-शोहर से काम कर रही है।
कठोर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है
Coal Scam: उच्च गुणवत्ता वाले कोयले में मिलावट कर लोगों को धोखा देने और अवैध कमाई करने वाले गिरोह के खिलाफ कठोर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
रिपोर्टर घनश्यामसिंह वाढेर, देवभूमि द्वारका ने इस छानबीन और पुलिस कार्रवाई को कवर किया है, जो कोयले के व्यापार में बढ़ती अनियमितताओं पर एक बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
कई नई जानकारी सामने ला सकते हैं
इस जांच के परिणाम आने वाले समय में कोयले के काले बाजार और उसके जुड़े भ्रष्टाचार को लेकर कई नई जानकारी सामने ला सकते हैं।
