CM Yogi on pakistan: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराणा प्रताप जयंती पर लखन में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। जंगी माहौल के बीच CM योगी आदित्यनाथ ने पाकिस्तान को आतंकवाद पर घेरते हुए कहा कि उसने इतनी बड़ी हिमाकत कर दी है कि अब वह अपने वजूद के लिए संघर्ष करता नजर आएगा। CM ने कहा कि पाकिस्तान का आतंकवादी चेहरा अब दुनिया के सामने बेनकाब हो चुका है।
पाकिस्तान कराह रहा है
उन्होंने 22 अप्रैल को पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकवादियों की बर्बरता का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना के बाद हर भारतवासी ने पाकिस्तान को सबक सिखाने की ठान ली थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी तीनों सेनाओं ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। आज पाकिस्तान पूरी दुनिया में अलग-थलग पड़ चुका है और कराहता हुआ नजर आ रहा है.
Read More: CM योगी ने दहाड़ते हुए कहा : एक विकसित भारत उकसाता नहीं है, और फिर उन्हें छोड़ता नहीं है
CM Yogi on pakistan: पाकिस्तान आतंकवाद में शामिल
CM योगी ने पाकिस्तान के बेशर्मीपूर्ण रवैये पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि भारत की कार्रवाई में मारे गए आतंकवादियों के जनाजे में पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों और राजनीतिज्ञों की मौजूदगी दुनिया की आंखें खोलने वाली है। यह साबित करता है कि पाकिस्तान न केवल आतंकवादियों को संरक्षण देता है, बल्कि आतंकवाद में शामिल भी है। लेकिन अब पाकिस्तान अपने वजूद के लिए जूझ रहा है।
पाकिस्तान अब अपने वजूद के लिए जूझता हुआ दिखाई देगा… pic.twitter.com/2tDY3XLDp6
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 9, 2025
सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से रहें सावधान
मुख्यमंत्री योगी ने देशवासियों से अपील की कि वे भारतीय सेनाओं का मनोबल बढ़ाएं और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि हर भारतवासी की जिम्मेदारी है कि हम अपनी सेना के साथ खड़े हों और शरारतपूर्ण कार्रवाइयों को बेनकाब करें। केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में हमें एकजुट होकर काम करना है। सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि भारत हर हाल में विजयी है और रहेगा भी। CM ने पूरे उत्तर प्रदेश की ओर से भारतीय सेनाओं के साथ मजबूती से खड़े होने का संकल्प दोहराया।
महाराणा प्रताप की वीरता हमें नई प्रेरणा देती है
मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप की वीरता को याद करते हुए CM ने कहा कि उनकी जयंती आज के चुनौतीपूर्ण समय में नई प्रेरणा देती है। उन्होंने हल्दीघाटी की लड़ाई का उल्लेख किया, जहां महाराणा ने वनवासियों और गिरिवासियों की सेना के साथ अकबर की विशाल सेना को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था।
