CM Yogi Janata Darshan : गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन कार्यक्रम में करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को तीव्रता से समाधान के निर्देश दिए। यह जनता दर्शन सरकार की जनसुनवाई पहल का अहम हिस्सा है, जहां मुख्यमंत्री सीधे जनता के निकट जा कर उनकी परेशानियां समझते हैं और अधिकारियों को उनका शीघ्र निवारण सुनिश्चित करने का संदेश देते हैं।
जनता के प्रति सीएम योगी की संवेदनशीलता
सीएम योगी ने जनता दर्शन के दौरान कुर्सी पर बैठे हर व्यक्ति से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की, उनका हालचाल जाना और उनकी फरियाद ध्यान से सुनी।
इस दौरान गरीबों की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर कड़ाई से अधिकारियों को निर्देश दिए गए। उन्होंने साफ कहा कि दबंगों और भूमाफियाओं को किसी भी हाल में नहीं बख्शा जाएगा।
साथ ही गरीबों की जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए तेज़ कार्रवाई का आदेश दिया।
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अधिकारियों को निर्देश- समयबद्ध समाधान हो
जनता के समक्ष पेश की गई समस्याओं का त्वरित नियोजन और पारदर्शी निस्तारण सीएम योगी का मुख्य एजेंडा रहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए
कि हर शिकायत का समाधान संतोषजनक और शीघ्र हो, ताकि जनता को न्याय मिल सके। साथ ही, प्रभावित लोगों को विश्वास दिलाया गया कि सरकार उनकी हर पहलु में मददगार रहेगी, खासकर इलाज, राशन, और आवास जैसी समस्याओं के मामले में।
CM Yogi Janata Darshan : विशेष मामलों पर सीएम की प्रतिक्रिया
जनता दर्शन में कई पीड़ित, जिनमें आर्थिक सहायता, चिकित्सा, भूमि विवाद, और सरकारी योजनाओं के लाभ से जुड़े मामले थे, सीएम ने व्यक्तिगत रूप से सुनकर संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्यवाही के आदेश दिए।
खासतौर पर उन्होंने शिक्षा का विशेष महत्व दिया और एक मां को लड़की का स्कूल में मुफ्त दाखिला कराने की सलाह दी।
गोरखपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ का जनता दर्शन न केवल समस्याओं को सुनने का अवसर है, बल्कि अधिकारियों को जनहित में निर्णय लेने और वेग से काम करने का सख्त निर्देश भी है।
यह पहल उत्तर प्रदेश सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही और संवेदनशीलता को दर्शाती है। इस कार्यक्रम के माध्यम से आम जनता को न्याय और सहायता समय पर मिले, यही मुख्यमंत्री योगी का उद्देश्य है।
