CM Yogi Jalor Jauhar: राजस्थान के जालोर की कनकांचल पहाड़ी पर स्थित सिरे मंदिर में रत्नेश्वर महादेव मंदिर की 375वीं वर्षगांठ के मौके पर सोमवार को महायज्ञ हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस कार्यक्रम शामिल हुए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ में आहुति देकर CM ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। इसके बाद मंदिर परिसर में धर्मसभा को संबोधित किया।

जौहर राजस्थान की परंपरा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जौहर राजस्थान की परंपरा का तेज है, जिसने वीरांगनाओं के आत्मसम्मान और बलिदान की गौरवगाथा को अमर कर दिया। CM योगी ने सिरे मंदिर की बारीक कारीगरी को अद्भुत बताते हुए कहा – महाराजा मानसिंह ने शिलालेखों के माध्यम से यहां के इतिहास को सहेजने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
आज खिलजी वंश को कोई जानने वाला नहीं है,
बाबर, औरंगजेब और अकबर के खानदान का कहीं अता-पता नहीं है… pic.twitter.com/GShlWlAk6x
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 15, 2026
CM Yogi Jalor Jauhar: जौहर मेला
राजस्थान की वीरांगनाओं के तेज से शत्रु को जलाने का सामर्थ्य हासिल किया गया। अलाउद्दीन खिलजी के समय चित्तौड़गढ़ में महारानी पद्मिनी ने जौहर किया था। CM ने कहा कि जालोर में भी खिलजी के समय और उसके बाद भी जौहर की परंपरा देखने को मिली है। यह परंपरा वीरों और वीरांगनाओं के बलिदान से बनी। जालोर में हर साल जौहर मेले का आयोजन किया जाता है। महारानी पद्मावती को इस दिन याद किया जाता है, और उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।
CM ने बंदरों को खिलाया खाना
मंदिर पहुंचने से पहले रास्ते में CM योगी ने बंदरों को खाना खिलाया। इसका जिक्र करते हुए कहा- बंदरों की तरह लोभ से बचना भी साधना है। CM योगी ने कहा कि सिरे मंदिर में बारीक कारीगरी की गई है, जो बहुत दुर्लभ है। दुनिया इस कारीगरी को देखने आती है। यह कला अद्भुत है। जोधपुर के महाराजा नरेश मानसिंह ने शिलालेखों पर इतिहास को सहेजा। उस वक्त मानसिंह ने 3 लाख 51 हजार रुपए खर्च किए थे, जो आज के समय में करोड़ों रुपए के बराबर हैं।
