मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस समारोह में केंद्र और राज्य स्तरीय बोर्ड परीक्षाओं में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले 166 मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। इनमें यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के टॉपर्स शामिल थे। प्रत्येक टॉपर को एक लाख रुपये का चेक, एक टैबलेट, प्रशस्ति पत्र, और मेडल प्रदान किया गया। इस सम्मान ने न केवल छात्रों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनाया।
CM Yogi Board Toppers 2025: पुरस्कारों का महत्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुरस्कार केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की मेहनत और लगन का प्रतीक है। उन्होंने छात्रों को भविष्य में देश और प्रदेश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। टैबलेट वितरण का उद्देश्य डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना है, ताकि छात्र आधुनिक तकनीक का उपयोग कर अपनी पढ़ाई को और प्रभावी बना सकें।
हिंदी दैनिक अमर उजाला द्वारा आज लखनऊ में मेधावी छात्र सम्मान हेतु आयोजित कार्यक्रम में सहभाग कर उन्हें मेडल और प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम हेतु आयोजकों को बधाई एवं सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को हार्दिक शुभकामनाएं!@AmarUjalaNews pic.twitter.com/e7VW0sBbF2
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 12, 2025
122 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास
सम्मान समारोह से पहले, मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण योजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद, लखनऊ और माध्यमिक संस्कृत शिक्षा निदेशालय, नवीन भवन के निर्माण शामिल हैं। इन परियोजनाओं की कुल लागत 122 करोड़ रुपये है। ये योजनाएं संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने और शैक्षिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
CM Yogi Board Toppers 2025: संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने संस्कृत के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह भाषा भारतीय संस्कृति और ज्ञान का आधार है। इन नई परियोजनाओं के माध्यम से संस्कृत शिक्षा को आधुनिक और सुलभ बनाया जाएगा। नवीन भवनों के निर्माण से शिक्षकों और छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा।
शिक्षा के क्षेत्र को प्राथमिकता
CM Yogi Board Toppers 2025: इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। राज्य में शिक्षा के स्तर को ऊंचा करने के लिए कई योजनाएं चल रही हैं, जिनमें मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन, स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का विकास, और डिजिटल शिक्षा का विस्तार शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा के बिना किसी भी समाज या राष्ट्र का विकास संभव नहीं है।
