लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की हर छोटी-बड़ी समस्या का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। योगी ने जोर देकर कहा कि प्रशासनिक तंत्र को जन-केंद्रित होना चाहिए और हर शिकायत का निस्तारण समयबद्ध तरीके से होना चाहिए। इस दौरान कई लोगों ने जमीन विवाद, स्वास्थ्य सेवाओं, और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं उठाईं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पहल से लोगों में सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है, क्योंकि मुख्यमंत्री स्वयं उनकी समस्याओं को सुनने के लिए उपलब्ध रहे।

गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन की परंपरा
मंदिर परिसर में जनता दर्शन का आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक विशेष पहल है, जो उनकी जनता के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। इस कार्यक्रम में कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या सीधे मुख्यमंत्री के सामने रख सकता है। बुधवार को आयोजित इस जनता दर्शन में विभिन्न आयु वर्ग और पृष्ठभूमि के लोग शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने न केवल उनकी समस्याएं सुनीं, बल्कि कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के लिए अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए। इस दौरान कुछ लोगों ने आर्थिक सहायता, चिकित्सा सुविधाओं, और रोजगार से जुड़े मुद्दे उठाए, जिनके समाधान के लिए योगी ने तुरंत कदम उठाने का आश्वासन दिया।

CM Yogi Gorakhpur Visit: जन-केंद्रित शासन का उदाहरण
योगी आदित्यनाथ का यह जनता दर्शन कार्यक्रम उत्तर प्रदेश में जन-केंद्रित शासन का एक मजबूत उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर यह स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक पहुंचना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। गोरखपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोग शामिल हुए, जिनमें से प्रत्येक की शिकायत को गंभीरता से लिया गया। योगी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि समस्याओं के निस्तारण की प्रगति की नियमित निगरानी की जाए, ताकि कोई भी शिकायत लंबित न रहे। इस तरह के आयोजन न केवल जनता और सरकार के बीच की दूरी को कम करते हैं, बल्कि प्रशासन को और जवाबदेह बनाते हैं। जनता दर्शन के माध्यम से मुख्यमंत्री ने एक बार फिर साबित किया कि उनकी सरकार लोगों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है।
