
मुख्यमंत्री का शेर
मुख्यमंत्री ने मिर्जा गालिब का शेर सुनाते हुए सपा पर तंज किया और कहा कि ‘धूल चहरे पर थी, आईना साफ करते रहे।’ CM ने कहा उसके आचरण की वजह से ही UP की छवि खराब हुई। विपक्ष ने मातृशक्ति का अपमान किया। पहले प्रदेश को शक की निगाह से देखा जाता था। अब UP को कोई बीमारू नहीं कहता। बल्कि राज्य भारत के विकास का अग्रिम इंजन है।
‘हिंदुस्तान की खाएंगे, लेकिन..’
वंदे मातरम का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा – वंदे मातरम का अपमान कोई नहीं कर सकता। ये हिंदुस्तान की खाएंगे, लेकिन राष्ट्रगीत नहीं गाएंगे। ऐसे लोगों को यहां रहने का हक नहीं है। राष्ट्रगीत का कोई विरोध करता है, तो उसका कान पकड़कर बाहर करना चाहिए।
शंकराचार्य पर बोले CM
माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ जो कुछ हुआ, उसे लेकर आज पहली बार सीएम योगी ने खुलकर बात की।
योगी ने कहा- हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं हो सकता। अगर वह शंकराचार्य थे तो सपा वालों ने वाराणसी में उनके ऊपर लाठी क्यों चलवाई थी।
CM Yogi Assembly: मंत्री निषाद की ली चुटकी
योगी ने कहा- UP में 16 लाख गोवंश को संरक्षित किया जा रहा है। हर गोवंश के लिए महीने का 50 रुपए राज्य सरकार उपलब्ध करवाती है। UP आज खाद्यान के साथ दूध उत्पादन में भी नंबर वन है। मत्स्य उत्पादन में भी प्रदेश सबसे आगे है। CM ने मंत्री संजय निषाद की चुटकी लेते हुए कहा- आप सिर्फ इनका शरीर मत देखिए, इनके विभाग ने भी खूब विकास किया।

अध्यक्ष ने फेंका हेडफोन
सुबह 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के थोड़ी देर बाद ही टोका-टोकी शुरू हो गई। अध्यक्ष सतीश महाना BJP विधायक केतकी सिंह पर भड़क गए। उन्होंने कहा- आप बैठिए, सदन चलाना मेरा काम है। गुस्से में उन्होंने हेडफोन भी निकालकर फेंक दिया। फिर 10 मिनट के लिए सदन स्थगित करके कुर्सी से उठकर चले गए। वापस आए तो कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ने कहा- आप मुस्कुराते हुए अच्छे लगते हैं। फिर वित्त मंत्री से महाना को मनाने के लिए शायरी सुनाने की अपील की तो सपा के विधायक कमाल अख्तर ने शायरी सुनाई- तुम रूठा न करो, सबकी जान चली जाती है। तुम हंसते रहते हो, तो बिजली-सी चमक जाती है। इसके बाद वित्त मंत्री ने कहा- एक बात सुन लो, महबूबा वाली शायरी यहां न सुनाया करो। इसके बाद शायरी सुनाई। आज दुनिया को तरकीब बता दी जाए, दुश्मनी प्यार की लहरों में बहा दी जाए।
