cm yogi biodiversity day speech – environment conservation india : CM योगी का भावुक संदेश : “प्रकृति को नहीं बचाया तो हम भी नहीं बचेंगे”
cm yogi biodiversity day speech – environment conservation india : लखनऊः अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के मौके पर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय सनातन संस्कृति की सर्वसमावेशी सोच पर विस्तार से चर्चा की।
योगी ने कहा कि शांति पाठ सिर्फ व्यक्ति विशेष की भलाई के लिए नहीं होता, बल्कि इसमें देव, पृथ्वी, जल, वायु और अंतरिक्ष की शांति की भी कामना की जाती है। यह हमारी संस्कृति की वह सोच है जो सम्पूर्ण चराचर जगत के कल्याण की बात करती है।
🌱 भारतीय संस्कृति की पर्यावरण के प्रति संवेदनशील सोच
सीएम योगी ने समझाया कि हमारे वैदिक ऋषियों ने हजारों साल पहले ही यह चेताया था कि यदि मनुष्य को टिके रहना है तो उसे सिर्फ अपने लिए नहीं, संपूर्ण प्रकृति और जैव विविधता के लिए सोचना होगा। तभी शांति संभव है, विकास संभव है।
उन्होंने कहा,
“धरती को मां माना गया है, और हम सब उसके पुत्र हैं। पुत्र होने के नाते, क्या हम अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं? यही आज का सबसे बड़ा सवाल है।”
🌿 जटायु का उदाहरण: बलिदान और उपेक्षा की कहानी
सीएम योगी ने रामायण के पहले बलिदानी जटायु की बात करते हुए कहा कि वह कोई आम पक्षी नहीं था, बल्कि सीता माता की रक्षा के लिए रावण से लड़ते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। लेकिन आज वही गिद्ध भारत में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि
“गिद्ध न तो मनुष्य को नुकसान पहुंचाता है, न फसलों को। वह तो मृत पशुओं को खाकर पर्यावरण को शुद्ध करता है। लेकिन आज हमें जटायु संरक्षण केंद्र खोलने पड़ रहे हैं, क्योंकि हमारा स्वार्थ हमें अंधा कर चुका है।”
🧪 केमिकल्स और दवाओं से संकट में जानवर
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेतों में फर्टिलाइजर, कीटनाशक और पशुओं को दी जाने वाली दवाओं का दुष्प्रभाव जटायु जैसे जीवों की मृत्यु का कारण बन रहा है। यह चेतावनी है कि मानव गतिविधियों ने प्रकृति का संतुलन बिगाड़ दिया है।
🌳 पर्यावरण की रक्षा के लिए सामूहिक जिम्मेदारी
सीएम योगी ने कहा कि
“सरकार अकेले कुछ नहीं कर सकती। जब हर नागरिक, हर गांव, हर पंचायत मिलकर काम करेगी, तभी बड़ा बदलाव संभव होगा।“
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश बायोडायवर्सिटी बोर्ड इस दिशा में कार्य कर रहा है और ग्रीन चौपाल, पर्यावरण जागरूकता अभियान और वृक्षारोपण अभियान शुरू किए गए हैं।
🌳 210 करोड़ पौधे, 2030 तक 20% वन क्षेत्र का लक्ष्य
सीएम योगी ने साझा किया कि
“पिछले 8 वर्षों में 210 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं। 2030 तक उत्तर प्रदेश में 20% वन क्षेत्र का लक्ष्य है। जुलाई 2025 में 35 करोड़ पौधे लगाने का महाअभियान चलेगा।”
🏞️ गांवों की पारंपरिक प्रणाली थी टिकाऊ मॉडल
योगी आदित्यनाथ ने गांवों में पहले प्रचलित खाद गड्ढों, गोचर भूमि, तालाबों और पारंपरिक अपशिष्ट प्रबंधन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले लोग बिना सरकार पर निर्भर हुए पर्यावरणीय कार्य करते थे।
“गांव पहले ग्राम स्वराज का मॉडल थे। अब वे सरकार पर निर्भर हैं। हमें फिर से आत्मनिर्भर बनना होगा, प्रकृति से जुड़ना होगा।“
🐾 जानवर हिंसक क्यों हो रहे हैं?
मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी चिंता जताई कि
“जंगली जानवर अचानक हिंसक क्यों हो रहे हैं? शायद हमने उनके प्राकृतिक निवास स्थान छीन लिए हैं, उनका भोजन खत्म कर दिया है।”
🚨 ‘बुद्धिमानी’ से काटे जा रहे पेड़
सीएम योगी ने यह भी कहा कि
“किसी ने देसी आम और जामुन जैसे पेड़ काटने का आदेश दे दिया। ये कैसे बुद्धिमानी के फैसले हैं? जब आप पेड़ लगा नहीं सकते, तो काटने का आदेश कैसे दे सकते हैं?“
यह बात स्पष्ट करती है कि नीति निर्माण से पहले स्थानीय जैव विविधता और सांस्कृतिक संदर्भ को समझना अनिवार्य है।
✅ प्रकृति के लिए नहीं चेते तो खत्म हो जाएगी मानवता
सीएम योगी आदित्यनाथ का यह संबोधन एक जागरण का संदेश है। उन्होंने साफ कहा कि
“प्रकृति सिर्फ मनुष्य के लिए नहीं बनी है। अगर हमें जीवित रहना है, तो सबके अस्तित्व की रक्षा करनी होगी।“
उनकी अपील है कि यह लड़ाई केवल सरकारी नहीं, हर नागरिक की जिम्मेदारी है। अगर अब नहीं चेते, तो कल बहुत देर हो जाएगी।
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