CM Yogi Big Action Corruption: CM योगी आदित्यनाथ ने भू आवंटन व पट्टों में गड़बड़ी के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई करते हुए पीसीएस अधिकारी गणेश प्रसाद सिंह को बर्खास्त कर दिया है, जबकि बरेली में भूमि अधिग्रहण में हुए करोड़ों के घोटाले के आरोप में 2 पीसीएस अफसर आशीष कुमार और मदन कुमार को सस्पेंड कर दिया है।
गणेश प्रसाद सिंह बर्खास्त
2011 बैच के PCS अधिकारी गणेश प्रसाद सिंह सितंबर 2014 से मार्च 2018 के बीच कुशीनगर में तैनात थे। इस दौरान उन पर ग्राम समाज के जमीन के पट्टे में नियमों का उल्लंघन करने और भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। इस मामले की जांच चल रही थी। लेकिन दिसंबर 2022 में उन्हें जौनपुर का मुख्य राजस्व अधिकारी नियुक्त किया गया।
यहां भी उन पर सरकारी कामकाज में गड़बड़ी करने के साथ ही वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे। तत्कालीन जिलाधिकारी की सिफारिश पर अक्टूबर 2023 में उन्हें निलंबित कर दिया गया और राजस्व परिषद से अटैच कर दिया गया। जांच में आरोपों की पुंष्टि के बाद पीसीएस अधिकारी को बर्खास्त कर दिया गया है।
आशीष कुमार सस्पेंड
बरेली-सितारगंज फोरलेन और रिंग रोड में भूमि अधिग्रहण में करीब 100 करोड़ से अधिक के घोटाले का मामला सामने आया था। इस घोटाले में राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD), NHAI के अफसरों की मिलीभगत से करीब 100 करोड़ रुपए का घोटाला किया गया। अधिकारियों की मिलीभगत की बात सामने आई, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।
मामले की जांच लंबे समय तक चलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ी कार्रवाई की। उन्होंने पीसीएस अफसर मदन कुमार और आशीष कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। दोनों अफसरों को राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया गया है।
2021 में बरेली में नगर मजिस्ट्रेट थे मदन कुमार
पीसीएस अधिकारी मदन कुमार 2021 में बरेली में नगर मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात थे और उनके पास विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी का चार्ज भी रहा था। उनके कार्यकाल के दौरान सितारगंज फोरलेन हाईवे के लिए भूमि अर्जन का मूल्यांकन किया गया था, जिसमें अधिकारियों ने जमकर घोटाला किया।इस मामले में हुई कार्रवाई से यह साफ हो गया कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
