CM Yogi Anganwadi Digital Gift: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन व नियुक्ति पत्र वितरित किए। साथ ही 3.10 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बड़ा तोहफा देने का ऐलान किया। CM योगी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र स्मार्ट हो रहे हैं और अब इन कार्यकर्ताओं का मानदेय भी स्मार्ट होना चाहिए।

डिजिटल सेवा केंद्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब आंगनबाड़ी केंद्र “डिजिटल सेवा केंद्र” के रूप में विकसित होंगे। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं काे स्मार्ट फोन दिए और कहा कि इनका मानदेय भी “स्मार्ट” होना चाहिए। इसे जल्द “सम्मानजनक” किया जाएगा और पूरी व्यवस्था को तकनीक से जोड़कर ट्रांसपरेंट बनाया जाएगा।
CM Yogi Anganwadi Digital Gift: नई व्यवस्था लागू
CM ने कहा “सम्मानजनक” मतलब न्यूनतम मानदेय की गारंटी मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी ने यह भी कहा कि अप्रैल से आउटसोर्स कर्मियों के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है, जिसमें न्यूनतम वेतन की गारंटी होगी और बिचौलियों की भूमिका खत्म की जाएगी। लाेक भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्मार्टफोन देने से अब रियल टाइम डाटा अपलोड होगा और राष्ट्रीय स्तर पर UP की रैंकिंग बेहतर होगी। उन्होंने बताया कि 46 जिलों में 754 नवचयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र बांटे गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में अन्य चयन प्रक्रियाएं भी जारी हैं।
आंगनवाड़ी केंद्र अब स्मार्ट केंद्र भी बनेगा… pic.twitter.com/jn5PM3zVmF
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 30, 2026
शिक्षा और पोषण
इस वर्ष 5 हजार से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और 60 हजार से अधिक सहायिकाओं की नियुक्ति का लक्ष्य हमने अभी से दे दिया है। CM ने आंगनबाड़ी केंद्रों के नए भवन की डिजाइन का भी विमोचन किया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि 3 से 5 साल तक के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी शिक्षा संचालित की जा रही है। इसके तहत 27000 केंद्रों को आंगनबाड़ी व्यवस्था से जोड़ा गया है, जिससे बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा और पोषण एक ही मंच पर सुनिश्चित होगा।

सशक्त और साक्षर भारत
CM ने ‘सुपोषित भारत’ को देश के भविष्य की बुनियाद बताते हुए कहा कि यह अभियान सिर्फ पोषण नहीं, बल्कि “सशक्त और साक्षर भारत” की नींव तैयार करने का मिशन है। अगर नवजात शिशु पोषित होगा और मां स्वस्थ होगी, तो देश को सशक्त बनने से कोई नहीं रोक सकता, लेकिन यदि बचपन कुपोषित रहा और माताएं अस्वस्थ रहीं, तो देश की प्रगति संभव नहीं है। कार्यक्रम में 702 आंगनबाड़ियों और 71 बाल विकास परियोजना कार्यालयों का शिलान्यास और 2,468 केंद्रों और 69 परियोजना कार्यालयों का लोकार्पण भी किया गया। साथ ही ग्रोथ मानिटरिंग के लिए स्टेडियोमीटर, इन्फेंटोमीटर और वेट मशीन जैसे उपकरण भी बांटे गए।
