
बढ़ सकता है बजट का आकार
सरकार की ओर से 11 फरवरी को पेश होने वाले इस बजट का आकार इस बार करीब 9 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है। योगी सरकार का ध्यान प्रदेश के विकास और आम लोगों की सुविधाओं पर होगा। खासतौर पर सड़क, शहरों के विकास और बुनियादी ढांचे पर बड़ा खर्च किए जाने की उम्मीद है।
जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं पर जोर
पिछले वित्तीय वर्ष में UP का बजट करीब 8.08 लाख करोड़ रुपये था, जो उससे पहले के साल से 9.8% ज्यादा था। अब आने वाला बजट इससे भी ज्यादा होगा और इसमें विकास से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
CM Yogi All-Party Meeting Budget: कानून-व्यवस्था पर ध्यान
राज्य सरकार युवाओं के रोजगार, किसानों की मदद और गरीब व जरूरतमंदों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के लिए अच्छी खासी रकम रख सकती है। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, खाद्य सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े आयोजनों को और मजबूत करने की तैयारी है, ताकि हर आदमी तक इनका लाभ सही तरीके से पहुंचे। बजट में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी ध्यान रहेगा।
इन योजनाओं पर खर्च
आशंका है कि कुल बजट का करीब 25% हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर, 15% शिक्षा, 12% कृषि, 8% स्वास्थ्य और 5% सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर खर्च किया जाएगा। राज्य सरकार का लक्ष्य विकास के साथ-साथ वित्तीय संतुलन बनाए रखना भी है।
