Cm yogi Adityanath meeting: उत्तरप्रदेश में संभावित बाढ़ और अतिवृष्टि की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यापक तैयारी और मजबूत समन्वय पर विशेष जोर दिया.इसको लेकर सीएम ने कहा कि.. जितनी बेहतर और समयबद्ध तैयारी होगी, उतनी ही तेजी से चुनौतियों का समाधान किया जाएगा.

मुख्यमंत्री योगी ने बाढ़ और अतिवृष्टि पूर्व प्रबंधन की समीक्षा करते हुए सभी तटबंधों, ड्रेनों और संवेदनशील स्थलों की समय पर मरम्मत, सुदृढ़ीकरण और नियमित निगरानी को अनिवार्य बताया है,सीएम ने कहा की सतर्कता, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और तय समयसीमा में कार्य पूरा करना ही सुरक्षित बाढ़ प्रबंधन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है.
यूपी के कितने जनपद संवेदनशील ?
Cm yogi Adityanath meeting: बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई और जल संसाधन विभाग ने जानकारी दी है कि उत्तर प्रदेश में गंगा, सरयू (घाघरा), राप्ती, रामगंगा, गंडक, यमुना, गोमती और सोन नदी बेसिन से जुड़े कई जनपद बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आते हैं.
नदी पट्टी और वर्षा पैटर्न के विश्लेषण के आधार पर इस साल 12 जनपदों में 18 तटबंधों को संवेदनशील चिह्नित किया गया है, जिनकी कुल लंबाई 241.58 किलोमीटर है.
जल निकासी सुधार के लिए ड्रेनों की व्यापक सफाई और ड्रेजिंग
बता दें की ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव से बचाव के लिए बड़े पैमाने पर ड्रेनों की सफाई और ड्रेजिंग का कार्य किया जा रहा है.इसको लेकर अधिकारियों ने बताया कि.. कई प्रमुख रूटों पर सफाई काम पूरा हो चुका है.
रियल-टाइम मॉनिटरिंग और ड्रोन तकनीक पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी तटबंधों और बैराजों पर रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
