Yogi Adityanath Mahagathbandhan Three Monkeys Attack : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिहार के दरभंगा में एक जनसभा के दौरान विपक्षी महागठबंधन पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने विपक्ष के तीन प्रमुख नेताओं को ‘तीन बंदर’ कहा – पप्पू, टप्पू और अप्पू। यह नाम अपेक्षाकृत गांधीजी के प्रसिद्ध तीन बंदरों के संदर्भ में रखे गए हैं, जिनका संदेश था ‘बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो और बुरा मत बोलो’।
पप्पू, टप्पू और अप्पू का क्या मतलब?
योगी ने कहा कि पप्पू कभी सच बोलता नहीं है, टप्पू सच नहीं देख सकता, और अप्पू सच नहीं सुन पाता। यह श्रेणी उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, राजद नेता तेजस्वी यादव और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के लिए दी। उनका दावा है कि ये नेता बिहार की जनता से जुड़ने में नाकाम रहे हैं और विकास की वास्तविकताओं को आगे नहीं ला पा रहे।
परंपरा और आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ये नेता ‘खानदानी लुटेरे’ हैं जो बिहार को फिर से अस्थिरता और दंगाइयों के दौर में ले जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राजद के सत्ता काल में बिहार में कई नरसंहार हुए और जातिगत संघर्षों को बढ़ावा मिला। वे लोकतंत्र का अपमान करने वाले हैं और बिहार की प्रगति में बाधा डाल रहे हैं।
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यूपी का बुलडोजर मॉडल
योगी आदित्यनाथ ने यूपी के बुलडोजर अभियान का ज़िक्र करते हुए कहा कि यूपी में माफिया और अपराधियों का सफाया किया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार में भी सिमलर माहौल बनाने का संकल्प है ताकि विकास और कानून व्यवस्था बनी रहे। उन्होंने एनडीए की सरकार बनाने के लिए जनता से समर्थन मांगा।
चुनावी रणनीति और संदेश
इस बयान ने चुनावी राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। विपक्ष पर तीखे हमले और अपने पक्ष की मजबूती दर्शाने का प्रयास योगी आदित्यनाथ की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। यह वार बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
इस प्रकार, योगी आदित्यनाथ का बयान बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में महागठबंधन के खिलाफ एक सशक्त कड़ा निशाना है, जो आगामी चुनावों में चर्चा का बड़ा विषय बनेगा।
