CM Yogi on Pandit controversy: उत्तरप्रदेश पुलिस की दरोगा भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक सवाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हिंदी के पेपर में पूछा गया- अवसर के हिसाब से बदल जाने वाले को क्या कहेंगे? इसके ऑपशन में पंडित, अवसरवादी, निष्कपट और सदाचारी। सवाल सामने आते ही विरोध शुरू हो गया। पंडित शब्द के इस्तेमाल पर विरोध जताया जा रहा है।

CM के सख्त निर्देश
इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने मामले पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने भर्ती बोर्ड के सभी चेयरपर्सन को आदेश दिए कि किसी भी जाति, पंथ या समुदाय की मर्यादा और आस्था से जुड़ी आपत्तिजनक टिप्पणी किसी भी स्थिति में न हो। बार-बार ऐसी गलती करने वालों को प्रतिबंधित किया जाए। डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने कहा- यह मामला स्वीकार्य नहीं है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। भाजपा के 3 ब्राह्मण विधायक शलभ मणि त्रिपाठी, प्रकाश द्विवेदी और रमेश मिश्र ने भी विरोध जताते हुए CM को लेटर लिखकर कार्रवाई की मांग की है।

केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचा मामला
सूत्रों के मुताबिक, मामला BJP के केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंच गया है। यूपी BJP कार्यालय में भी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी में कुछ पदाधिकारियों ने इसे गलत बताया। मामले को तूल पकड़ते देखकर उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने जांच के निर्देश दे दिए हैं। बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि अभ्यर्थियों से धार्मिक या सांस्कृतिक चिह्न, जैसे कलावा या मंगलसूत्र, न तो हटवाए जाएंगे, न ही उतरवाने की कोशिश की जाएगी। साथ ही नियम तोड़ने पर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मानवाधिकार आयोग में शिकायत
‘पंडित’ को लेकर राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता डॉक्टर गजेंद्र सिंह यादव ने शिकायत में कहा कि एक प्रश्न में अवसर के अनुसार अपना व्यवहार बदलने वाले व्यक्ति से संबंधित प्रश्न में विकल्प के रूप में पंडित शब्द का इस्तेमाल किया गया। उनके मुताबिक इस तरह का प्रयोग नकारात्मक संदर्भ में किया गया प्रतीत होता है। इससे ब्राह्मणसमुदाय की सामाजिक प्रतिष्ठा और गरिमा को ठेस पहुंचती है।
CM Yogi on Pandit controversy: दूसरे दिन की परीक्षा
इधर, उत्तरप्रदेश में दरोगा भर्ती की दूसरे दिन की परीक्षा चल रही है। परीक्षा केंद्रों पर सख्त पहरा है। CCTV से मॉनिटरिंग की जा रही है। प्रवेश से पहले उम्मीदवारों की 3 लेयर में चेकिंग की गई। सिर्फ प्रवेश पत्र और ID के साथ ही अभ्यर्थियों को अंदर जाने दिया जा रहा है।
