CM YOGI: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की और कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बीते आठ वर्षों में तकनीकी शिक्षा को अधिक सुलभ, गुणवत्तापरक और नवाचार से परिपूर्ण बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं।

CM YOGI: एनआईआरएफ मूल्यांकन में शामिल
सीएम योगी ने सभी तकनीकी संस्थानों को नैक, एनबीए और एनआईआरएफ मूल्यांकन में शामिल होने को कहा, लेकिन इसके लिए पहले व्यापक तैयारी सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने ‘राज्य संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (SIRF)’ के अंतर्गत अब तक केवल राजकीय और अनुदानित पॉलिटेक्निक संस्थानों की रैंकिंग की जाती रही है, अब इसमें निजी पॉलिटेक्निक संस्थानों को भी शामिल करने का निर्देश दिया ताकि सभी संस्थानों में गुणवत्ता का एक समान मानक सुनिश्चित हो सके।
व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिल देव अग्रवाल भी उपस्थित
CM YOGI: बैठक में प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल और व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिल देव अग्रवाल भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने व्यवहारिक प्रशिक्षण को तकनीकी शिक्षा का अहम हिस्सा मानते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों और इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रायोगिक अध्ययन और बेहतर प्रयोगशालाओं की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों पर लंबित भर्तियों को शीघ्र पूरा किया जाए।
CM YOGI: अपने परिसर से संचालन शुरू कर सकें
नवस्थापित इंजीनियरिंग कॉलेज—बस्ती, गोंडा, मीरजापुर और प्रतापगढ़—के भवन निर्माण और परिसर विकास कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने का निर्देश दिया गया ताकि अगले सत्र से यह कॉलेज अपने परिसर से संचालन शुरू कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत करते समय स्थानीय उद्योगों की मांग और संभावनाओं को ध्यान में रखा जाए।
CM YOGI: युवा तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बन सकें
सीएम योगी ने शिक्षा को केवल डिग्री प्राप्ति का माध्यम न मानते हुए इसे व्यावहारिक और कौशल आधारित बनाने की जरूरत पर बल दिया और कहा कि प्रत्येक छात्र को औद्योगिक इंटर्नशिप का अवसर मिलना चाहिए, जिससे युवा तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
