cm sai statement on school : बोले-यह सब पूर्व मुख्यमंत्री का किया धरा है”
cm sai statement on school : छत्तीसगढ़ में स्कूलों के युक्तियुक्तकरण (Rationalisation) को लेकर सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे छात्रों के हित में बताते हुए स्पष्ट कर दिया कि इससे शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। वहीं उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर सीधा हमला बोलते हुए कहा – “अगर उन्होंने ट्रांसफर समय पर किए होते, तो आज ये स्थिति नहीं बनती।”
युक्तियुक्तकरण को लेकर राजनीति जारी
छत्तीसगढ़ में युक्तियुक्तकरण को लेकर राजनीति जारी है. इस बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि युक्तियुक्तकरण से कोई परेशानी नहीं है. बच्चों की पढ़ाई में जो दिक्कतें थी उसे सुधारने का प्रयास किया जा रहा है. इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भी निसाना साधा. उन्होंने कहा कि यह सब किया धरा उनका ही है.
जो अनबैलेंस था उसे बैलेंस करने का प्रयास-सीएम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गोंडवाना समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने कांकेर जिले के ग्राम कराठी पहुंचे थे. इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने युक्तियुक्तकरण को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि युक्तियुक्तकरण से कोई परेशानी नहीं है. बच्चों की पढ़ाई में जो दिक्कतें थी उसे सुधारने का प्रयास किया जा रहा है. इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगी. जो अनबैलेंस था उसे बैलेंस करने का प्रयास किया जा रहा है.
पूर्व सीएम बघेल पर निशाना
इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह सब किया धरा उनका ही है. अगर वह 5 सालों में ट्रांसफर नहीं करते तो ये स्थिति नहीं आती. आज 300 स्कूल शिक्षक विहीन हो गए, 5 हजार स्कूल कैसे एकल शिक्षकीय हो गया. जब इसकी समीक्षा की गई तो 180 विद्यार्थियों के लिए 3 शिक्षक हैं. ये कोई न्याय नहीं है. यह सब किया धरा पूर्व मुख्यमंत्री का है.
क्या है युक्तियुक्तकरण?
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के स्कूलों में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू करने के लिए आदेश जारी कर दिया है. इसके अनुसार, प्रदेश के 10 हजार 463 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा. प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जहां युक्तियुक्तकरण को छात्रों के हित में बता रहे हैं. वहीं इस शिक्षक संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.
दरअसल, सरकार का कहना है कि छत्तीसगढ़ के 54185 स्कूल में से 297 स्कूल शिक्षकविहीन है और 7 हजार 127 स्कूलों में सिर्फ एक ही शिक्षक हैं. इसी असमानता को दूर करने के लिए सरकार ने युक्तियुक्तकरण करने का फैसला लिया है. इसके लिए 10 हजार 463 स्कूल शामिल किए गए हैं. युक्तियुक्तकरण के तहत जिन स्कूलों में ज्यादा शिक्षक है, उन्हें शिक्षक विहीन या कम शिक्षक वाले स्कूल में भेजा जाएगा और जिन स्कूलों में छात्राओं की संख्या कम है. उन छात्रों को नजदीक के स्कूल में मर्ज किया जाएगा.
सरकारी आंकड़े क्या कहते हैं?
297 स्कूल पूरी तरह शिक्षक विहीन हैं।
7127 स्कूलों में केवल एक शिक्षक कार्यरत है।
कई स्कूलों में 3 शिक्षक पर 180 विद्यार्थी हैं, जबकि कुछ में शिक्षक ही नहीं।
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