छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एक दिवसीय दौरे पर दिल्ली रवाना हुए हैं, जहां उनकी मुलाकात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से होगी। इस दौरे की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि यह मुख्यमंत्री के जापान और दक्षिण कोरिया के 10 दिवसीय विदेश दौरे के तुरंत बाद हो रहा है। इस दौरे में सीएम ने निवेश से जुड़ी कई योजनाओं को लेकर चर्चा की थी, जिन्हें अब छत्तीसगढ़ में लागू करने की दिशा में केंद्र सरकार से सहयोग की अपेक्षा है।
सीएम साय के साथ गृहमंत्री भी रहे मौजूद
मुख्यमंत्री के साथ राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा भी दिल्ली दौरे पर हैं। दोनों नेता गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान और राज्य में निवेश संभावनाओं को लेकर चर्चा करेंगे। दिल्ली रवाना होने से पहले सीएम विष्णुदेव साय ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में खाद की स्थिति को लेकर भी कदम उठाए गए हैं और किसानों को पर्याप्त यूरिया उपलब्ध कराया जा रहा है।
विदेश दौरे की प्राथमिकताएं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जापान और दक्षिण कोरिया दौरा मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश, तकनीकी सहयोग और स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को लेकर था। वहां की कई कंपनियों और सरकारी एजेंसियों के साथ बातचीत हुई, जिससे राज्य में नए निवेश की संभावना प्रबल हुई है। अब केंद्र से मिलने के दौरान इस दौरे की रिपोर्ट साझा कर निवेश योजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए समर्थन मांगा जाएगा।
नक्सलवाद पर कड़ी रणनीति
राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा इस दौरान नक्सल अभियान की स्थिति पर भी विस्तृत रिपोर्ट देंगे। छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि 31 मार्च 2026 तक राज्य को पूरी तरह से नक्सल मुक्त किया जाए। हालांकि इस दिशा में कई चुनौतियाँ भी सामने आ रही हैं। हाल ही में नक्सलियों ने मुखबिरी के शक में शिक्षकों की हत्या कर दी, और स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने वाले ग्रामीण की भी हत्या की गई।
सरकार इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षात्मक और विकासात्मक दोनों ही मोर्चों पर काम कर रही है।
खाद संकट पर राहत
सीएम ने किसानों को राहत देते हुए कहा कि राज्य को इस बार 60,800 मीट्रिक टन यूरिया का आबंटन किया गया है। पिछली बार 50,000 मीट्रिक टन यूरिया मिला था। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद की बार-बार जरूरत होती है, इसलिए राज्य सरकार ने पहले से ही वैकल्पिक योजना तैयार की थी, जिससे खाद की कोई किल्लत नहीं होगी।
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पहला दौरा
हाल ही में छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया है जिसमें 14 मंत्री शामिल किए गए हैं। कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई है कि 90 विधायकों के अनुपात में 13.5 मंत्री होने चाहिए थे। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर भी अमित शाह से चर्चा हो सकती है ताकि विपक्ष के आरोपों का जवाब ठोस रूप से दिया जा सके। मुख्यमंत्री का यह दौरा छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है।
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