
CM सुक्खू का बयान
दिल्ली रवाना होने से पहले अनाडेल हेलीपैड पर मीडिया से बातचीत करते हुए CM सुक्खू ने कहा कि यदि BJP सत्ता में होती, तो OPS को हटाकर यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) लागू कर दी जाती। जिससे सरकारी कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा समाप्त हो जाती। एक साधारण परिवार से आने के कारण वे आम लोगों की परेशानियों को भली-भांति समझते हैं और उनके हितों से सरकार कभी भी समझौता नहीं करेगी।
हमने अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को OPS दी है। मैं एक आम परिवार से हूं, कर्मचारी का बेटा हूं और कर्मचारियों का दर्द समझता हूं। यदि हिमाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार होती, तो ओल्ड पेंशन स्कीम बंद कर दी गई होती।
लेकिन हम OPS बंद नहीं करेंगे और अपने संसाधनों को और मजबूत बनाएंगे। pic.twitter.com/qWyJr1EzP3
— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) February 10, 2026
CM Sukhu RDG Statement: ‘हर साल करोड़ों का नुकसान’
CM सुक्खू ने कहा वित्तीय प्रबंधन भले ही वित्त विभाग देखता हो, लेकिन राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य संसाधनों को मजबूत करना और विकास को गति देना है। CM ने BJP से जनता को गुमराह करने के बजाय केंद्र सरकार से राज्य के अधिकारों की लड़ाई में सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत मिलने वाला RDG राज्यों के राजस्व घाटे को पूरा करने के लिए दिया जाता है। हर साल लगभग 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य के बजट पर गंभीर असर डालेगा।
‘केंद्र सरकार का सौतेला व्यवहार’
RDG समाप्त किए जाने को प्रदेश के प्रति केंद्र सरकार का ‘सौतेला व्यवहार’ बताया और कहा कि भौगोलिक परिस्थितियों के कारण हिमाचल एक राजस्व घाटा राज्य बना रहेगा। RDG की बहाली के लिए प्रधानमंत्री मोदी से भेंट करेंगे और राज्य के हक के लिए हर मंच पर लड़ाई लड़ेंगे।
