CM Sai presented self reliant bastar vision: नई दिल्ली में नीति आयोग की 10वीं शासी परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के विकास की नई दिशा और दृष्टि को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि कभी नक्सल हिंसा के लिए कुख्यात बस्तर क्षेत्र अब विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में उभर रहा है। इसके साथ ही, उन्होंने छत्तीसगढ़ को 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य प्रस्तुत किया, जिसे 3टी मॉडल—प्रौद्योगिकी, पारदर्शिता और परिवर्तन के माध्यम से हासिल करने की योजना है।
CM ने बस्तर के बदलते स्वरूप पर दिया जोर
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में बस्तर के बदलते स्वरूप पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर, जो कभी हिंसा और अस्थिरता का पर्याय था, अब शांति और समृद्धि की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार की नीतियों और केंद्र सरकार के सहयोग से बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। स्थानीय युवाओं को कौशल विकास और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों ने क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाया है। बस्तर के आदिवासी समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनमें वनोपज आधारित उद्योगों और पर्यटन को बढ़ावा देना शामिल है।
13 प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति के लिए 3टी मॉडल को आधार बनाया है। प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में, राज्य डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने पर ध्यान दे रहा है। स्मार्ट सिटी परियोजनाएं, डिजिटल शिक्षा और ई-गवर्नेंस के माध्यम से प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और पारदर्शी बनाया जा रहा है। पारदर्शिता के लिए, सरकार ने भ्रष्टाचार-मुक्त शासन और नीतिगत सुधारों पर जोर दिया है, ताकि जनता को योजनाओं का लाभ सीधे और समयबद्ध तरीके से मिल सके। परिवर्तन के तहत, छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश, कृषि और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचा, कृषि, IT, पर्यटन और कौशल विकास सहित 13 प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है।
CM Sai presented self reliant bastar vision: 75 लाख करोड़ का लक्ष्य
2047 तक 75 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के लिए एक साहसिक कदम है। इसके लिए राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास, खनिज संसाधनों का बेहतर उपयोग और नवीकरणीय ऊर्जा पर विशेष ध्यान देने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधनों का टिकाऊ दोहन किया जाएगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक प्रगति सुनिश्चित हो। इसके अतिरिक्त, राज्य में स्टील, सीमेंट और बिजली जैसे प्रमुख उद्योगों के साथ-साथ छोटे और मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देने की रणनीति अपनाई जा रही है। बैठक में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की ‘विकसित भारत’ दृष्टि के साथ छत्तीसगढ़ के योगदान को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में केंद्र की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है। बस्तर और अन्य पिछड़े क्षेत्रों में सड़क, रेल और डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार ने विकास को गति दी है। साथ ही, आदिवासी समुदायों के लिए विशेष योजनाओं के माध्यम से सामाजिक समावेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में यह भी जोर दिया कि छत्तीसगढ़ की प्रगति में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी अहम है। कौशल विकास कार्यक्रमों और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। बस्तर में वन धन केंद्रों और लघु वनोपज आधारित उद्योगों ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है।
