CM Rise School: देवास जिले के खातेगांव में संचालित सीएम राइज स्कूल के छात्र बुधवार को सड़क पर उतर आए। वे स्कूल बस सेवा फिर से शुरू करने की मांग कर रहे थे। बच्चों ने “हम अपना अधिकार मांगते हैं, भीख नहीं मांगते” जैसे नारे लगाए और स्कूल तक आने-जाने की समस्या को लेकर प्रदर्शन किया।

CM Rise School: बच्चों के सड़क पर बैठने की सूचना
बच्चों के सड़क पर बैठने की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी और एसडीएम प्रवीण प्रजापति मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों से चर्चा की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि बस सेवा बहाल करने के लिए तुरंत प्रयास शुरू किए जाएंगे।
CM Rise School: यह समस्या और भी गंभीर हो गई है
गौरतलब है कि चार साल पहले निजी स्कूलों की तर्ज पर बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से शुरू किए गए सीएम राइज (सांदीपनि) स्कूलों में संसाधनों की आपूर्ति बेहद धीमी गति से हो रही है। खासकर परिवहन सुविधा पूरी तरह चरमरा चुकी है। लंबे समय से बस सेवा बंद रहने से बच्चे परेशान हैं, और वर्षा ऋतु में यह समस्या और भी गंभीर हो गई है।
CM Rise School: अभिभावकों को भारी असुविधा हो रही
शिक्षा विभाग के अनुसार जिले के सात सीएम राइज स्कूलों में से केवल सन्नौड़ और बागली में ही बस सेवा चालू है, जबकि चिड़ावद, देवास, पोलाखाल, कन्नौद और खातेगांव में बसें बंद हैं। इससे बच्चों और उनके अभिभावकों को भारी असुविधा हो रही है।
धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज किया गया
CM Rise School: जानकारी के अनुसार बस संचालन का ठेका एक कंपनी को दिया गया था, जिसने स्थानीय बस ऑपरेटरों से काम करवाया। लेकिन ठेकेदार कंपनी द्वारा भुगतान नहीं किए जाने के कारण बसों का संचालन बंद कर दिया गया। यही नहीं, टोंकखुर्द थाने में कंपनी के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए टेंडर प्राप्त करने को लेकर धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज किया गया है।
इस मुद्दे पर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) एचएस भारतीय ने कहा कि बस सेवा के विषय में चर्चा के लिए कलेक्टर कार्यालय में बैठक हो रही है, जिसमें समाधान के लिए भाग ले रहे हैं।
यह विरोध दर्शाता है कि सीएम राइज स्कूलों की जमीनी हकीकत वादों से बहुत पीछे है और प्रशासन को तत्काल ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
