बोले-पहाड़ों से भी ऊंचा है हमारे जवानों का हौसला
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में हमारे जवानों ने अदभुत, साहस, शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया है.जवानों के बुलंद हौसलों से अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर से नक्सलवाद का नामोनिशान मिट जाएगा.
सीएम ने जवानों से की मुलाकात
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ के जंगल में 10 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली बसवाराजू को ढेर करने वाले जवानों से सीएम ने मुलाकात की.इनसे मिलने के लिए वे खुद ओरछा ब्लॉक के ग्राम बासिंग स्थित बीएसएफ कैम्प पहुंचे. जवानों से मिलकर उनका हौसला बढ़ाया और कहा कि हमारे जवानों का हौसला दुर्गम पहाड़ों से भी ऊंचा है.
जवानों की हौसला अफ़ज़ाई की
मुख्यमंत्री ने जवानों की हौसला अफ़ज़ाई करते हुए तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया. उन्होंने जवानों से कहा कि बस्तर में अमन और शांति लाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है. मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बल के जवानों को 50 मोटर बाइक पर हरी झंडी दिखाकर गस्त करने के लिए रवाना किया.ओरछा ब्लॉक के बासिंग कैम्प में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह माओवाद के विरूद्ध अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है, जिसमें सुरक्षा बलों ने हार्डकोर माओवादी बसवा राजू सहित 27 नक्सलियों को मार गिराया है. मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप भी थे.
बस्तर से जल्द मिटेगा माओवाद का नामोनिशान: सीएम
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर के माथे से माओवाद का कलंक पूरी तरह से मिट जाएगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से नक्सल समस्या को समूल समाप्त करने का संकल्प लिया है, वह पूरा होता नजर आ रहा है. मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि वह दिन दूर नहीं जब बस्तर अंचल छत्तीसगढ़ के विकास से पूरी तरह जुड़ जाएगा.
जवानों को मोटर बाइक देकर रवाना किया गश्त पर
मुख्यमंत्री ने मौके पर 50 मोटर बाइक को हरी झंडी दिखाकर गश्त के लिए रवाना किया और जवानों की हिम्मत की सराहना की। उन्होंने कहा:
“हमारे जवानों का हौसला दुर्गम पहाड़ों से भी ऊंचा है। आप सब बस्तर में अमन और शांति लाने के लिए जो कार्य कर रहे हैं, वह सराहनीय है।”
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