cm dr mohan yadav warning: मध्यप्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल से पहले मुख्यमंत्री ने मैदानी अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दे दिया है. सरकार का फोकस अब सीधे परिणामों पर रहेगा, और जिन अधिकारियों का प्रदर्शन बेहतर नहीं होगा, उनकी जिम्मेदारियां बदल सकती हैं.मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अब वही कलेक्टर मैदान में बने रहेंगे जो काम करके दिखाएंगे। साथ ही अधिकारियों को कार्यालयीन समय का पालन करने और किसानों से जुड़े कामों में किसी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं।
cm dr mohan yadav warning: कलेक्टरों को प्रदर्शन सुधारने की चेतावनी
डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में ‘समाधान अभियान’ की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद कलेक्टरों के साथ वर्चुअल बैठक की.बैठक में उन्होंने साफ कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में अब परफॉर्मेंस और परिणाम सबसे बड़ा पैमाना होगा। जो अधिकारी जमीन पर काम करेंगे और तय लक्ष्य हासिल करेंगे, वही अपनी जिम्मेदारियों पर बने रह पाएंगे.मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह सिद्धांत केवल कलेक्टरों तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य अधिकारी और कर्मचारियों पर भी समान रूप से लागू होगा।
cm dr mohan yadav warning: समाधान अभियान में 40 लाख आवेदनों का निराकरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में चल रहे ‘संकल्प से समाधान’ अभियान का अंतिम चरण जारी है.अब तक इस अभियान के तहत करीब 40 लाख आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। इसके साथ ही 16 मार्च तक जिलों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां लंबित मामलों को प्राथमिकता के साथ निपटाया जाएगा.मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेताया कि अभियान में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
गेहूं उपार्जन से पहले सभी तैयारियां पूरी करें
बैठक में किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए.उन्होंने कहा कि उपार्जन शुरू होने से पहले,सभी खरीदी केंद्रों का समय पर निर्धारण, आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता, बारदानों की पर्याप्त व्यवस्था, और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
अलग-अलग संभागों में अलग तिथियों से खरीदी
सरकार ने गेहूं खरीदी की तिथियां भी तय कर दी हैं.इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूं उपार्जन 16 मार्च से 5 मई तक होगा. जबकि जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, चंबल और सागर संभाग में खरीदी 23 मार्च से 12 मई तक की जाएगी।
कार्यालयीन समय का पालन नहीं हुआ तो 6 दिन खुलेंगे दफ्तर
मुख्यमंत्री ने सरकारी कार्यालयों में अनुशासन को लेकर भी सख्त रुख दिखाया। उन्होंने बताया कि हाल ही में मंत्रालय में कार्यालयीन समय के पालन को लेकर आकस्मिक निरीक्षण कराया गया था.उन्होंने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि वे अपने स्तर पर भी ऐसे निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि अधिकारी-कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचें.मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि यदि कार्यालयीन समय के पालन में सुधार नहीं हुआ तो राज्य में छह दिन कार्यदिवस वाला सप्ताह लागू किया जा सकता है।
शिक्षा संस्थानों का भी करें निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस समय स्कूल और कॉलेजों में परीक्षाओं का दौर चल रहा है। ऐसे में जिला अधिकारियों को शैक्षणिक संस्थानों, छात्रावासों और विश्वविद्यालय परिसरों का भी आकस्मिक निरीक्षण करना चाहिए.साथ ही जिला स्तर पर किसी भी तरह की भ्रामक या मिथ्या जानकारी फैलने पर उसका तत्काल खंडन करने के निर्देश भी दिए गए हैं.फिलहाल प्रशासनिक हलकों में चर्चा यही है कि आगामी फेरबदल से पहले सरकार अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ी नजर रखे हुए है।
