CM Mohan Yadav Varanasi: मध्यप्रदेश सरकार भारतीय ज्ञान परंपरा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में “विक्रमोत्सव-2026” के तहत 3 से 5 अप्रैल 2026 तक वाराणसी में ‘महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य’ का मंचन आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल और दूरदर्शिता के चलते उज्जैन से शुरू हुआ यह सांस्कृतिक अभियान अब काशी तक पहुंच रहा है।

बनारस जाएंगे CM
यह आयोजन दो महान आध्यात्मिक नगरों उज्जैन और वाराणसी के बीच सांस्कृतिक सेतु का कार्य करेगा। 3 अप्रैल को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव बनारस जाएंगे। इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई दिग्गज शामिल होंगे, साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी शामिल होने की संभावना है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
‘विक्रम संवत’ की स्थापना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सम्राट विक्रमादित्य को भारतीय परंपरा में न्याय, पराक्रम और सुशासन का प्रतीक बताया था। उन्होंने कहा था कि यह महानाट्य आमजन को उस गौरवशाली युग से परिचित कराएगा, जब लगभग 2100 साल पहले विक्रमादित्य ने शकों पर विजय प्राप्त कर ‘विक्रम संवत’ की स्थापना की, जो भारतीय कालगणना और खगोल विज्ञान की उत्कृष्टता को दर्शाता है।

CM Mohan Yadav Varanasi: सांस्कृतिक पहल
उज्जैन में आयोजित विक्रमोत्सव-2026 ने डिजिटली भी बड़ी सफलता हासिल की। 7 फरवरी से 24 मार्च 2026 के बीच इस आयोजन की पहुंच 17 करोड़ से ज्यादा लोगों तक रही। #Vikramutsav2026 जैसे हैशटैग्स वैश्विक स्तर पर ट्रेंड किया। यह आयोजन विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
