
नंदा गौरा योजना
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नंदा गौरा योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान, और सुरक्षा का सशक्त अभियान है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
कैंप कार्यालय में नंदा गौरा योजना के अंतर्गत 33251 लाभार्थी बालिकाओं के खाते में ₹145.93 करोड़ की धनराशि DBT के माध्यम से हस्तांतरित की।
हमारी सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश की प्रत्येक बेटी शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बने। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना केवल सामाजिक… pic.twitter.com/6F17vMz564
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) February 26, 2026
बेटियों के खातों में जारी राशि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, सुरक्षा और रोजगार तक हर स्तर पर प्रतिबद्ध है। समाज में बेटा-बेटी के बीच भेदभाव खत्म करने और कन्या जन्म को प्रोत्साहन देने के लिए नंदा गौरा योजना प्रदेश में चलाई जा रही है। इस योजना के तहत बालिका के जन्म पर 11,000 रु. की सहायता और 12वीं पास करने पर उच्च शिक्षा के लिए 51,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह पहल न केवल आर्थिक सहयोग है, बल्कि सोच में बदलाव की दिशा में भी बड़ा कदम है।

Nanda Gaura Yojana: बेटियों की सुरक्षा
राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक अब तक 3,77,784 बालिकाओं को कुल 11 अरब 68 करोड़ 49 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा चुकी है। यह योजना कन्या भ्रूण हत्या पर रोक, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा और बालिका शिक्षा के प्रसार में अहम भूमिका निभा रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार ने महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30% आरक्षण दिया है। इससे न केवल महिलाओं की भागीदारी बढ़ी, बल्कि सरकारी कार्यालयों की कार्य संस्कृति में भी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षित कर रोजगार से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
