Uttarakhand Budget 2026: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,11,703.23 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। CM धामी ने बजट पेश करते हुए प्रदेश की आर्थिक प्रगति और समाज के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया। उत्तराखंड सरकार की ओर से पेश किया गया इस साल का बजट पिछले बजट से 11.41 फीसदी अधिक है।

CM धामी ने पेश किया बजट
बजट पेश करते हुए CM धामी ने कहा कि हम संकल्प से सिद्धि के मार्ग पर लगातार आगे बढ़ रहे हैं। सरकार जनादेश को मानते हुए सबके विकास के लिए काम कर रही है। बजट को पेश करते हुए CM धामी ने यूनिफॉर्म सिविल कोड और अन्य सफलताओं का भी जिक्र किया। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने एक घंटा 10 मिनट का बजट भाषण पढ़ा। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी ने सदन की कार्यवाही कल 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
1 लाख 11 हजार 703 करोड़ का बजट
इस बार उत्तराखंड का बजट आकार 1 लाख 11 हजार 703 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 10.41% ज्यादा है। राज्य सरकार ने इस बजट को “संतुलन (SANTULAN)” मॉडल पर आधारित बताते हुए समावेशी विकास, आत्मनिर्भरता, तेज आर्थिक प्रगति और गांव-शहर के संतुलित विकास पर जोर दिया है। CM धामी ने बजट भाषण की शुरुआत केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम को नमन करते हुए की और राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
आत्मनिर्भर उत्तराखंड की अवधारणा को चरितार्थ करता है ये ‘SANTULAN’ आधारित बजट। pic.twitter.com/ocPR18KfhF
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) March 9, 2026
Uttarakhand Budget 2026: विपक्ष का वॉकआउट
राज्य सरकार ने बजट में गरीब कल्याण, युवाओं को रोजगार, किसानों की आय बढ़ाने और महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने का दावा किया है। इससे पहले सत्र राज्यपाल रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के अभिभाषण से शुरू हुआ था। अभिभाषण के दौरान विपक्षी विधायकों ने तख्तियां लेकर हंगामा किया और फिर सदन से वॉकआउट कर दिया।
KEDAR और MANAS थीम
बजट में विकास की दिशा KEDAR और MANAS थीम तय की गई। इसमें कौशल विकास, इकोलॉजी संरक्षण, धरोहर संरक्षण, अवसंरचना निर्माण और रिवर्स माइग्रेशन पर जोर दिया गया।
ग्रामीण और शहरी विकास
ग्रामीण और शहरी विकास के लिए प्रावधान किए गए हैं। ग्रामीण विकास विभाग के लिए 1642.20 करोड़ रुपए शहरों और स्थानीय निकायों के विकास के लिए भी बड़ा बजट रखा गया है। लोक निर्माण विभाग के लिए 2501.91 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य सड़क और कनेक्टिविटी को मजबूत करना है।
गरीबों के लिए योजनाओं
गरीबों के लिए कई योजनाओं में बजट बढ़ाया है।
अन्नपूर्णा योजना- ₹1300 करोड़
PM आवास योजना (ग्रामीण)- ₹298.35 करोड़
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)- ₹56.12 करोड़
Uttarakhand Budget 2026: युवा और कौशल
युवा रोजगार और कौशल विकास के लिए योजनाएं
- CM स्वरोजगार योजना- ₹60 करोड़
- CM प्रतिभा प्रोत्साहन योजना- ₹10 करोड़
- तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों के लिए भी बजट बढ़ाया गया है।
किसानों के लिए
कृषि और किसान कल्याण के लिए भी कई योजनाएं
- ड्रिप सिंचाई योजना – ₹39.90 करोड़
- दीनदयाल सहकारिता किसान कल्याण योजना – ₹42.50 करोड़
- PM मत्स्य संपदा योजना- ₹160.13 करोड़
महिलाओं के लिए
महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाओं में बजट दिया गया है।
- नन्दा गौरा योजना- ₹220 करोड़
- CM महालक्ष्मी किट योजना- ₹30 करोड़
- मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना- 15 करोड़
शहरों के लिए घोषणाएं
Uttarakhand Budget 2026: अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के लिए बजट में 600 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। राज्य के विभिन्न जिलों और शहरों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। इनमें स्वास्थ्य, सड़क, पर्यटन, उद्योग, शिक्षा और हवाई सेवाओं से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना हेतु बजट में ₹600 करोड़ का प्रावधान। pic.twitter.com/CqCPvdjX9U
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) March 9, 2026
देहरादून
डोईवाला और प्रेमनगर में उप जिला चिकित्सालय बनाए जा रहे हैं।
बालावाला में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण
सेलाकुई में ‘फ्लैटेड फैक्ट्री’ का निर्माण।
देहरादून और रानीपोखरी पॉलिटेक्निक में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब।
दून विश्वविद्यालय में हिंदू अध्ययन केंद्र के लिए पद सृजन।
सहस्त्रधारा में हेलीपोर्ट का संचालन।
देहरादून और विकासनगर में ADB परियोजनाओं से पेयजल, सीवरेज और सड़क निर्माण कार्य जारी।
हरिद्वार और रुड़की
Uttarakhand Budget 2026: भगवानपुर में उप जिला चिकित्सालय बनाया जाएगा।
हरिद्वार में ‘फ्लैटेड फैक्ट्री’ परियोजना।
हरिद्वार गंगा कॉरिडोर योजना की शुरुआत, जिसमें रोडिबेलवाला, एडमिन रोड, सतीकुंड पुनर्विकास और हरकी पैड़ी सौंदर्यीकरण शामिल।
हरिद्वार में हेलीपोर्ट निर्माण जारी।
इसके अलावा ऋषिकेश, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चम्पावत, पौड़ी गढ़वाल, कोटद्वार, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में भी कई योजनाओं की शुरूआत की गई।
