CM Dhami on Madrasa Board : उत्तराखंड मदरसा बोर्ड का ऐतिहासिक निर्णय
CM Dhami on Madrasa Board : उत्तराखंड मदरसा बोर्ड ने अपने पाठ्यक्रम में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को शामिल करने का अहम निर्णय लिया है। इस फैसले का मकसद मदरसों में पढ़ रहे छात्रों को भारतीय सेना के पराक्रम और बलिदान से अवगत कराना है। यह कदम मदरसा शिक्षा को आधुनिक और राष्ट्रवादी दृष्टिकोण देने की दिशा में माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फैसले को सराहा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मदरसा बोर्ड के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का इतिहास हर छात्र को पढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह हमारे सैनिकों के अद्वितीय शौर्य और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि का प्रमाण है। यह मिशन भारत की सैन्य ताकत का प्रतीक बनकर सामने आया है।
ऑपरेशन सिंदूर: भारत की सैन्य रणनीति का उदाहरण
ऑपरेशन सिंदूर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों की हत्या के बाद शुरू किया गया था। भारत सरकार ने सेना को आतंकवादियों के खिलाफ खुली छूट दी और भारतीय सेना ने पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के एयरबेस और डिफेंस सिस्टम को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया।
वक्फ बोर्ड की ओर से शिक्षा में आधुनिकता की पहल
उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने बताया कि प्रदेश के 117 मदरसों को आधुनिक बनाया जा रहा है, जिसमें एनसीईआरटी का सिलेबस भी शामिल होगा। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को पढ़ाने से छात्रों में देशभक्ति की भावना बढ़ेगी और वे भारतीय सेना के बलिदान को समझ सकेंगे।
तिरंगा यात्रा और वैश्विक प्रचार
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को लेकर देशभर में तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं। यह अभियान लोगों को देश की सैन्य शक्ति से अवगत कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से युवाओं में गर्व और प्रेरणा का भाव पैदा हो रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को बेनकाब करने की तैयारी
भारत सरकार की ओर से एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल विभिन्न देशों में भेजा जा रहा है, जो ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और पाकिस्तान की साजिशों को उजागर करेगा। यह प्रतिनिधिमंडल वैश्विक मंचों पर भारत की स्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
