CM Dhami migrant conference inauguration :उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रवासी सम्मेलन का शुभारंभ किया, जिसमें देश के 11 राज्यों से 200 से अधिक प्रवासी शामिल हुए। इस आयोजन में दिल्ली और राजस्थान के डिप्टी स्पीकर भी उपस्थित रहे। यह सम्मेलन प्रवासियों को उनकी मातृभूमि से जोड़ने और राज्य के विकास में योगदान बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
सम्मेलन का उदघाटन और प्रमुख अतिथि
इस सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री धामी ने किया। उन्होंने प्रवासियों के अनुभवों और निवेश के माध्यम से राज्य के विकास में उनकी भूमिका पर विशेष बल दिया। दिल्ली और राजस्थान के डिप्टी स्पीकरों ने भी इस कार्यक्रम की सफलता में सहयोग दिया और प्रवासियों के योगदान को सराहा।
प्रवासियों की भूमिका और राज्य की प्रगति
मुख्यमंत्री ने प्रवासियों से कहा कि वे अपनी तकनीकी, व्यावसायिक और सांस्कृतिक क्षमताओं को राज्य के विकास के लिए उपयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रवासियों के सुझावों और अनुभवों का उपयोग सरकार आगामी योजनाओं में करेगी। इससे रोजगार सृजन, कौशल विकास, और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।
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सांस्कृतिक और आर्थिक सहयोग
सम्मेलन के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसने प्रवासियों को अपनी जड़ों से जोड़ने में मदद की। स्थानीय हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत के प्रदर्शन ने उत्सव का माहौल बनाया। आर्थिक चर्चा सत्रों में विभिन्न उद्योग क्षेत्रों और पर्यटन योजनाओं में निवेश पर जोर दिया गया।
आगामी योजनाएं और समन्वय
सीएम धामी ने प्रवासियों के लिए विशेष योजनाओं और सेल बनाने की बात कही, जिससे बेहतर समन्वय हो सके। उन्होंने वेंचर फंड की भी घोषणा की जिसको शीघ्र लागू किया जाएगा। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रवासियों के साथ मजबूती से जुड़ना और उनकी सहायता से उत्तराखंड के विकास को गति देना है।
यह प्रवासी सम्मेलन उत्तराखंड के लिए मील का पत्थर साबित होगा क्योंकि इससे न केवल प्रवासियों का जुड़ाव बढ़ेगा बल्कि प्रदेश के आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी। सीएम धामी की पहल से प्रदेश में विदेशों में बसे उत्तराखंडियों को उनकी जड़ों से जोड़ने और विकास की राह पर लेकर जाने की संभावना प्रबल हुई है.
